जिला जज एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की गरिमामयी उपस्थिति में बच्चों को सुरक्षा, संरक्षण एवं कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरुक ।
प्रभारी निरीक्षक ऊखीमठ मनोज नेगी ने साइबर अपराधों से बचाव तथा उपनिरीक्षक पूजा रावत ने किशोर पुलिस इकाई की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की दी जानकारी ।
रुद्रप्रयाग | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के “सुरक्षित बचपन अभियान” के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, तिलणी, रुद्रप्रयाग में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरुक करने के साथ ही उन्हें साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा विभिन्न प्रकार के जोखिमों से बचाव के प्रति जागरुक करना रहा । कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से प्रभारी निरीक्षक ऊखीमठ मनोज नेगी एवं उपनिरीक्षक पूजा रावत ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी देते हुए जागरुक किया कि वर्तमान डिजिटल युग में ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतना अत्यन्त आवश्यक है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस एवं अन्य सम्बन्धित विभागों की सामूहिक भूमिका पर भी जोर दिया गया । साइबर अपराधों से बचाव के प्रति किया जागरुक – प्रभारी निरीक्षक ऊखीमठ मनोज नेगी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में अनजान व्यक्तियों पर भरोसा करने, संदिग्ध लिंक खोलने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड एवं ओटीपी किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए । उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, ऑनलाइन माध्यमों से मिलने वाले प्रलोभनों के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों को देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी समझाया कि साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय समय रहते शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है । किशोर पुलिस इकाई की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की दी जानकारी – उपनिरीक्षक पूजा रावत ने किशोर पुलिस इकाई की भूमिका एवं कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में छात्र-छात्राओं को जानकारी प्रदान की। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए बताया कि बच्चों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी, शोषण अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों या सम्बन्धित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए । उन्होंने बच्चों को बिना किसी भय या संकोच के अपनी समस्याएं साझा करने के लिए प्रेरित किया तथा बाल सुरक्षा के प्रति जागरुक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि उनकी सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है । नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया बाल सुरक्षा का संदेश – कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलंटियर्स द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरुकता संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त बाल अधिकारों, बाल संरक्षण एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया, बाल कल्याण समिति की भूमिका तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 के सम्बन्ध में भी जानकारी प्रदान की गई । कार्यक्रम में निःशुल्क विधिक सहायता के सम्बन्ध में भी छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे उपलब्ध कानूनी सहायता एवं सम्बन्धित व्यवस्थाओं का लाभ उठा सकें । साइबर जागरुकता 2.0 के तहत सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर जोर – रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागरुकता 2.0 अभियान के तहत भी साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रमुखता से सामने रखा गया । अभियान का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरुक करना तथा उन्हें ऑनलाइन माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है। डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर उचित निगरानी, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के प्रति जागरुकता अत्यन्त महत्वपूर्ण है । रुद्रप्रयाग पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरुक रहें और अपने परिवार के सदस्यों एवं बच्चों को भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर सम्पर्क करें अथवा आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं । रुद्रप्रयाग पुलिस का संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों का संरक्षण एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरुकता एक सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। पुलिस द्वारा जनजागरुकता के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षा सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने के प्रयास निरन्तर जारी हैं ।
















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