केदारनाथ यात्रा के दौरान परिजनों से बिछड़े 07 वर्षीय मासूम को उत्तराखंड पुलिस ने चंद घंटों में खोजा, बच्चे के दादा को सकुशल सौंपा ।

केदारनाथ | बाबा केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर मानवता और मुस्तैदी की मिसाल पेश की है। आज पुलिस टीम ने केदारनाथ मार्ग पर अपने परिवार से बिछड़े एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे को अथक प्रयासों के बाद सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया । ​कंडी से अचानक लापता हुआ था मासूम – हिंदबाग (मध्य प्रदेश) के रहने वाले श्रद्धालु आसाराम विश्वकर्मा अपने 07 वर्षीय पोते रुद्र विश्वकर्मा के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन कर वापस नीचे लौट रहे थे। पैदल मार्ग की सुगमता के लिए परिजनों ने मासूम रुद्र को एक कंडी में बैठाया था। परन्तु, रास्ते में भारी भीड़ और असमंजस के चलते कंडी वाला परिजनों से आगे निकल गया और बालक रुद्र अपने परिवार से बिछड़ गया । ​पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्यवाही – बच्चे के खोने से घबराए परिजन तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी गौरीकुंड पहुंचे और मामले की जानकारी दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए चौकी गौरीकुण्ड में नियुक्त हेड कांस्टेबल वीरेंद्र रावत और कांस्टेबल विजय ने बिना वक्त गंवाए तुरन्त मोर्चा संभाला। ​दोनों पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पूरे मार्ग पर डंडी-कंडी संघ और स्थानीय लोगों से सम्पर्क साधा। कड़ी मशक्कत और अथक प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने उस कंडी वाले को ढूंढ निकाला और बालक रुद्र को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया । ​परिजनों की आँखों में आए खुशी के आंसू, उत्तराखंड पुलिस का जताया आभार – चौकी गौरीकुण्ड में जब मासूम रुद्र को उसके दादा श्री आसाराम विश्वकर्मा जी के सुपुर्द किया गया, तो परिजनों की आँखों में खुशी के आंसू छलक आए। उत्तराखंड पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही, संवेदनशीलता और मददगार रवैये की प्रशंसा करते हुए दादा श्री आसाराम जी और अन्य परिजनों ने पूरी टीम का सहृदय धन्यवाद किया कर अपने गन्तव्य के लिए प्रस्थान किया गया है ।

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