चम्पावत | दुर्जन लाल द्वारा थाना बनबसा में उपस्थित होकर एक लिखित तहरीर प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा उनके पुत्र को यौन शक्ति वर्धक दवाइयों का प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाया गया। इसके पश्चात उसकी अश्लील तस्वीरें/सामग्री प्राप्त कर उसे ब्लैकमेल किया गया तथा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाया गया। साथ ही धोखाधड़ी कर विभिन्न माध्यमों से कुल ₹1,87,000 की धनराशि भी ठग ली गई। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना बनबसा में FIR संख्या 35/2026 पंजीकृत किया गया । रेखा यादव पुलिस अधीक्षक चम्पावत द्वारा घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले में त्वरित एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु थानाध्यक्ष बनबसा को निर्देशित किया गया । उक्त क्रम में निहारिका सेमवाल, क्षेत्राधिकारी टनकपुर के पर्यवेक्षण एवं सुरेन्द्र सिंह कोरंगा, थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में थाना बनबसा पुलिस टीम द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा लगातार सुरागरसी-पतारसी, तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों का संकलन तथा संदिग्धों की तलाश करते हुए धनुषपुल से सोनियानाला मार्ग के पास दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया ।
*अभियुक्तो के विरुद्ध धारा 108/308(2) /61(2) BNS (उद्वापन, आत्महत्या के लिए उकसाना व आपराधिक षंडयत्र ) की बडौत्तरी की गयी।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम :
1. महेन्द्र सिंह चितौडिया पुत्र गोपाल मोंगिया, निवासी धर्मपुरा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश
2. शिवा सिंह चितौडिया पुत्र महेन्द्र सिंह चितौडिया, निवासी बेन्हाता, शिवपुरी, मध्य प्रदेश
उक्त मामले में प्रकाश में आया आरोपी अनिल मोगिया की तलाश जारी है।*
बरामदगी का विवरण :
* 04 अदद आधार कार्ड (विभिन्न पतों सहित)
* 01 अदद ड्राइविंग लाइसेंस
* 01 मोबाइल फोन (Redmi)
* 01 डिब्बा दिव्य चन्द्रप्रभा वटी
* 01 डिब्बी ऑर्थोविन टैबलेट्स
* 01 बड़े डिब्बे के अन्दर 06 डिब्बियों में गोलियाँ व 06 खाली डिब्बियाँ
* 02 अदद आधार कार्ड
* 01 हस्तलिखित टिकटशुदा पत्र
* वाहन संख्या HR 54G-7324 (बुलेरो कैम्पर)
*अल्बम (गोल्डन कलेक्शंस) – जिसमें अश्लील/नग्न फोटो पाई गई
चम्पावत पुलिस की अपील
🔹 सोशल मीडिया अथवा ऑनलाइन माध्यम से किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी निजी फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
🔹 किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
🔹 लालच, प्रलोभन या झूठे विज्ञापनों के झांसे में आने से बचें तथा सतर्क रहें।













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