रुद्रप्रयाग | उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में पूरे जनपद में 01 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक “ऑपरेशन साइबर सुरक्षा” नाम से एक विशेष राज्यव्यापी अभियान गतिमान है। इस महत्वपूर्ण अभियान को धरातल पर सही ढंग से लागू करने और साइबर अपराधियों के खिलाफ रणनीतिक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु शुक्रवार को प्रातः 11:00 बजे पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वी.सी.) के माध्यम से जनपद के समस्त पुलिस उपाधीक्षकों, प्रभारी साइबर सेल तथा समस्त कोतवाली प्रभारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई । इस समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया गया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य ने ई-जीरो एफ.आई.आर. और 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से वित्तीय साइबर धोखाधड़ी में उल्लेखनीय प्रगति की है। तथापि, राष्ट्रीय रैंकिंग में और गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से जनपद स्तर पर लम्बित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीकी डेटा अपडेशन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ।
समीक्षा बैठक के एजेंडा बिंदु और निर्देश-
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा समस्त प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर व्यक्तिगत रुचि लेकर दैनिक आधार पर मॉनिटरिंग व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे-
1. साइबर शिकायतें एवं एफ.आई.आर. का अद्यतन विवरण – जनपद के सभी कोतवाली में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों और दर्ज मुकदमों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि किसी भी दशा में मामले बिना ठोस कारण के लम्बित न रहें और लम्बित रहने का स्पष्ट कारण प्रस्तुत किया जाए।
2. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल एवं 1930 पोर्टल – 1930 साइबर हेल्पलाइन से प्राप्त होने वाली शिकायतों का तत्काल परीक्षण किया जाए। शिकायतों के निस्तारण और उन्हें एफ.आई.आर. में बदलने की दर को हर हाल में बढ़ाया जाए तथा गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित हो।
3. लम्बित विवेचनाओं पर त्वरित वैधानिक कार्यवाही – साइबर अपराधों से सम्बन्धित पुराने मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंट, कुर्की, आरोप पत्र अथवा अंतिम रिपोर्ट समयबद्ध रूप से दाखिल की जाए। वर्ष 2025 से पूर्व की विवेचनाओं का तत्काल गुणवत्तापरक निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
4. ठगी गई धनराशि की वापसी (धन वापसी मॉड्यूल) – वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामलों में ऐसे प्रकरणों की पहचान की जाए जिनमें पैसा वापस आ सकता है। बैंकों में भेजे गए होल्ड आदेशों का समयबद्ध अनुपालन कराते हुए रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाकर पीड़ितों को जल्द से जल्द धन वापसी कराने के निर्देश दिए गए।
5. खातों को फ्रीज व अनफ्रीज करना (शिकायत निवारण मॉड्यूल) – बैंकों और संबंधित वित्तीय संस्थाओं से त्वरित समन्वय स्थापित कर खाता फ्रीज, लीन/अनलीन तथा अनफ्रीज से सम्बन्धित लम्बित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक प्रकरणों में तत्काल उच्च स्तर पर अग्रेषित करने की कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए गए।
6. ई-जीरो एफ.आई.आर. का प्रभावी क्रियान्वयन – प्राप्त होने वाली ई-जीरो एफ.आई.आर. का निर्धारित समयावधि में परीक्षण कर उन्हें तत्काल नियमित एफ.आई.आर. में रूपान्तरित किया जाए तथा शत-प्रतिशत एफ.आई.आर. लिंकिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
7. समन्वय/सहयोग पोर्टल पर डेटा लिंकिंग- प्रत्येक साइबर अपराधी का आपराधिक इतिहास, एफ.आई.आर., प्रयुक्त बैंक खाता, मोबाइल नंबर, सिम, आईएमईआई और यूपीआई आईडी का सम्पूर्ण विवरण समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट व लिंक करने के निर्देश दिए गए।
8. महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा एवं साइबर गुलामी – महिलाओं और बच्चों से सम्बन्धित साइबर अपराधों में प्राप्त शिकायतों का तुरन्त सत्यापन कर एफ.आई.आर. दर्ज की जाए तथा इंटरनेट से आपत्तिजनक सामग्री को हटवाने व पीड़ितों की काउंसलिंग की कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही विदेश (कंबोडिया आदि देशों) से वापस लाए गए साइबर गुलामी के पीड़ितों की वर्तमान स्थिति, उनके रोजगार, निवास स्थान की कड़ी निगरानी और सर्विलांस करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग का संदेश- “साइबर अपराध के इस दौर में आम जनता की गाढ़ी कमाई की रक्षा करना और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना रुद्रप्रयाग पुलिस की प्राथमिकता है। इस पूरे अभियान की प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कोई शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता पाई गई, तो सम्बन्धित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कठोर दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।















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