नशा मुक्त भारत अभियान के तहत रुद्रप्रयाग पुलिस की सुन्दर पहल : कोतवाली ऊखीमठ पुलिस द्वारा ग्राम मनसूना में किया गया वृहद जन-जागरुकता कार्यक्रम आयोजित ।

साइबर अपराध, महिला व बाल सुरक्षा तथा ड्रग्स व नशे के दुष्प्रभावों पर प्रभारी निरीक्षक ने ग्रामीणों को किया जागरुक, ज्ञानवर्धक बुकलेट का हुआ वितरण ।

रुद्रप्रयाग | मादक पदार्थों और बढ़ते नशे की प्रवृत्ति के समूल नाश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” के अन्तर्गत जनपद रुद्रप्रयाग में विशेष ”नशा मुक्त पखवाड़ा” मनाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में जनपद पुलिस नशे के सौदागरों पर कानूनी हंटर चलाने के साथ-साथ समाज के अंतिम छोर तक जागरुकता पहुंचाने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता से कर रही है। एसपी रुद्रप्रयाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने के लिए केवल कोतवाली व चौकियों तक सीमित न रहकर सीधे गांवों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर जनता से संवाद स्थापित किया जाए, ताकि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके ।

• कोतवाली ऊखीमठ द्वारा ग्राम मनसूना में विशेष चौपाल का आयोजन – पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए प्रभारी निरीक्षक ऊखीमठ श्री मनोज नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सुदूरवर्ती ग्राम मनसूना में एक वृहद जन-जागरुकता कार्यक्रम और पुलिस चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय ग्राम वासियों, महिलाओं, बुजुर्गों और विशेषकर युवाओं ने प्रतिभाग किया। पुलिस टीम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को आधुनिक दौर के विभिन्न अपराधों और सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग व सतर्क बनाना था, ताकि वे किसी भी प्रकार के झांसे या बहकावे में आने से बच सकें।
• ड्रग्स और देवभूमि को खोखला कर रहे नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा – उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित करते हुए प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी ने ड्रग्स और विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले भयानक शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल एक हंसते-खेलते इंसान को मौत के मुंह में धकेलता है, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। उन्होंने ग्रामीणों, विशेषकर माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनकी संगति पर विशेष नजर रखें। यदि गांव या आसपास कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से नशा बेचता या तस्करी करता पाया जाता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और अपराधियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
• डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती : साइबर क्राइम और बचाव के अचूक मंत्र – वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी के मामलों को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक द्वारा साइबर क्राइम के विषय में अत्यन्त महत्वपूर्ण व ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की गई। उन्होंने ग्रामीणों को जागरुक करते हुए कहा कि आजकल साइबर अपराधी लॉटरी, लोन, बिजली बिल काटने, केवाईसी अपडेट करने या बैंक अधिकारी बनकर लोगों के खातों से गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) या कोई भी गोपनीय दस्तावेज साझा न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरन्त राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन को ब्लॉक कराया जा सके।
• महिला व बाल अपराधों के विरुद्ध सुरक्षा चक्र और कानूनी अधिकारों की जानकारी – समाज में महिलाओं और बच्चों को एक सुरक्षित परिवेश प्रदान करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में महिला सुरक्षा तथा बाल अपराधों के विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी ने घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और बाल श्रम जैसे गंभीर विषयों पर कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करते हुए बताया कि उत्तराखंड पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिलाएं तुरन्त आपातकालीन सेवा नंबर 112 या महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर सम्पर्क कर सकती हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए तत्काल सहायता पहुंचाई जाएगी।
• ज्ञानवर्धक बुकलेट का वितरण और ग्रामीणों का पुलिस को पूर्ण सहयोग का संकल्प – जागरुकता अभियान को और अधिक प्रभावी व स्थायी बनाने के लिए ऊखीमठ पुलिस द्वारा कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों और युवाओं को साइबर क्राइम से सुरक्षा तथा विभिन्न अपराधों से बचाव से संबंधित अत्यंत ज्ञानवर्धक व सचित्र बुकलेट्स (पुस्तिकाएं) वितरित की गईं। इन बुकलेट्स में डिजिटल सुरक्षा के नियम और विभिन्न आपातकालीन पुलिस नम्बरों का विवरण दिया गया है ताकि ग्रामीण संकट के समय इनका उपयोग कर सकें। ग्राम मनसूना के स्थानीय नागरिकों ने रुद्रप्रयाग पुलिस की इस अनूठी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और पुलिस प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे अपने गांव को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे ।

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