टिहरी | एसएसपी श्वेता चौबे का एक्शन मोड जनता की ₹54 लाख की गाढ़ी कमाई का गबन करने वाला बैंक कैशियर गिरफ्तार, टिहरी पुलिस की सटीक विवेचना से आर्थिक अपराधी पहुंचा सलाखों के पीछे | आर्थिक अपराधों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के नेतृत्व में टिहरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग ₹54 लाख के बैंक गबन के मामले में थाना छाम पुलिस ने मुख्य आरोपी बैंक कैशियर को गिरफ्तार कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों के लिए जनपद में कोई स्थान नहीं है । उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, शाखा कमांद के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना छाम में ई-एफआईआर के माध्यम से लगभग ₹54 लाख के गबन की सूचना दी गई। बैंक की आंतरिक ऑडिट एवं जांच समिति की जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनेक खाताधारकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षरों एवं फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि निकाली । सूचना के आधार पर थाना छाम पर मु0अ0सं0-17/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई । मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल एवं क्षेत्राधिकारी चम्बा के पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने बैंक अभिलेखों, खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट, निकासी वाउचरों, वित्तीय लेन-देन तथा दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण कर मजबूत साक्ष्य संकलित किए । जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि का एक हिस्सा अभियुक्त द्वारा अपने स्वयं के खाते तथा अपने रिश्तेदारों के खातों में स्थानांतरित किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस टीम ने देहरादून में दबिश देकर दिनांक 02 जुलाई 2026 को अभियुक्त अभिलाष शर्मा को उसके निवास स्थान से विधिक प्रक्रिया के अनुरूप गिरफ्तार कर लिया । प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त की संलिप्तता के महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। प्रकरण में गबन की संपूर्ण धनराशि, फंड फ्लो, अन्य बैंक खातों में हुए अंतरण तथा संभावित अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में गहन विवेचना जारी है ।
एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे ने कहा—
“जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। आर्थिक अपराध केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि समाज के विश्वास पर भी आघात हैं। टिहरी पुलिस ऐसे अपराधों के प्रति पूर्णतः ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है। अपराधी चाहे किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
गिरफ्तार अभियुक्त
अभिलाष शर्मा पुत्र श्री विजय शर्मा
निवासी– शक्ति कॉलोनी, प्रेमनगर रोड, बड़ोवाला, थाना पटेलनगर, जनपद देहरादून।
















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