टिहरी | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में आगामी मानसून सीजन एवं संभावित प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों का संयुक्त मॉक ड्रिल, रेस्क्यू अभ्यास तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का प्रभावी परीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया।
🔹 थाना मुनि की रेती
टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़े जाने की सूचना प्राप्त होते ही प्रभारी निरीक्षक मय पुलिस बल शत्रुघ्न घाट पहुंचे। जल पुलिस, एसडीआरएफ एवं नगर पालिका की टीमों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए घाटों पर लगातार अनाउंसमेंट कराया गया तथा स्थानीय नाव चालकों की सहायता से श्रद्धालुओं एवं स्नान कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाकर सभी घाटों को खाली कराया गया। साथ ही चौकी व्यासी, शिवपुरी, तपोवन एवं जानकीपुल पुलिस टीमों को अलर्ट कर गंगा तटों पर विशेष सतर्कता बरती गई।
🔹 कोतवाली देवप्रयाग
टिहरी डैम से अतिरिक्त जल निकासी के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि एवं तटीय क्षेत्रों के प्रभावित होने की काल्पनिक स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस द्वारा गंगा तटों पर मौजूद श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी कर आमजन को नदी के समीप जाने से रोका गया तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं की गईं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित आपदा प्रतिक्रिया क्षमता का सफल परीक्षण किया गया । इसके अतिरिक्त कोतवाली क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ एवं अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को हाइड्रोलिक उपकरणों एवं अन्य संसाधनों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान घटनास्थल पर यातायात सुचारु बनाए रखने एवं राहत कार्यों के समन्वय का भी अभ्यास किया गया।
🔹 थाना छाम
स्यांसू के समीप भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर आधारित संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना पुलिस, एसडीआरएफ, 108 एम्बुलेंस, स्वास्थ्य विभाग, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायल व्यक्ति का सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया, राहत शिविर स्थापित किया गया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई का परीक्षण किया गया।
🔹 थाना घनसाली
जखनियाली गांव में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर आधारित आपदा राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल उपजिलाधिकारी घनसाली के नेतृत्व में आयोजित की गई। पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, वन विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमों ने सड़क पर आए मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों का रेस्क्यू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। पशुओं के उपचार एवं राहत व्यवस्था का भी सफल परीक्षण किया गया।
🔹 थाना नरेंद्र नगर
बगड़धार के समीप पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने एवं उसमें चार लोगों के फंसने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया। नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से 108 एम्बुलेंस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं फायर सर्विस को मौके पर बुलाया गया। जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहन का दरवाजा खोलकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।
🔹 थाना नई टिहरी
टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने एवं टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक जल निकासी किए जाने की स्थिति में स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ एवं टीएचडीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया। पुलिस द्वारा आमजन से नदी एवं जलाशयों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई । जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस आगामी मानसून एवं संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पूर्ण रूप से सतर्क एवं तैयार है। पुलिस द्वारा सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है । आमजन से अपील है कि मानसून के दौरान नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें ।
















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