आगामी केदारनाथ यात्रा के दृष्टिगत पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां कर दी हैं प्रारम्भ केदारनाथ धाम में प्रभावी संचार तंत्र किया गया है पुर्नस्थापित |

रुद्रप्रयाग | जनपद में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट खुलने को मात्र 19 दिवस शेष रह गये हैं। ऐसे में पुलिस विभाग रुद्रप्रयाग के स्तर से यात्रा से पूर्व की तैयारियों को युद्ध स्तर पर मूर्त रूप देने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है। एसपी रुद्रप्रयाग के निर्देशन में पुलिस दूरसंचार की टीम उपनिरीक्षक कपिल नैथानी के नेतृत्व में केदारनाथ पहुंची हुई है। पुलिस दूरसंचार की टीम ने सम्पूर्ण पैदल मार्ग सहित केदारनाथ धाम में वायरलेस सिस्टम को एक्टिवेट करने की दिशा में कदम उठाया है। पुलिस विभाग के आपसी संचार तंत्र (कम्यूनिकेशन सिस्टम) को मजबूती प्रदान करने में संचार शाखा का महत्तवपूर्ण योगदान रहता है। ट्रायल बेसिस पर यात्रा मार्गों पर व्यवस्थित होने वाली सभी पुलिस चौकियों को वायरलेस सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। केदारनाथ धाम यात्रा के प्रारम्भ होने से पूर्व यात्रा के दौरान स्थापित होने वाली सभी चौकियों, चेकपोस्ट इत्यादि पर प्रभावी संचार व्यवस्था प्रारम्भ कर दी जायेगी। पुलिस दूरसंचार रुद्रप्रयाग की टीम ने केदारनाथ में बर्फबारी के बीच पुरानी चौकी (रुद्राप्वाइंट) के पास वायरलेस सेट स्थापित कर दिया गया है तथा जिला नियंत्रण कक्ष से सफलतापूर्वक संचार स्थापित हो गया है। वैकल्पिक संचार व्यवस्था के तहत सैटेलाइट फोन के माध्यम से भी डेल्टा कम्युनिकेशन स्थापित कर दिया गया है। टीम द्वारा वापसी के समय सभी यात्रा पड़ावों (चौकियों) पर संचार तंत्र को दुरस्त किया जा रहा है ।

पवित्र केदारनाथ धाम की यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है। इस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन हर साल नई तकनीकों को शामिल कर रहा है। वर्तमान वर्ष में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। अब पूरे यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में कुल 181 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही 21 महत्वपूर्ण स्थानों पर पीए सिस्टम के माध्यम से समय-समय पर श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण सूचनाएं और दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्तमान में स्थापित वायरलेस सेटों के अतिरिक्त 30 स्थिर वायरलेस सेट और 100 हैंड हेल्ड वायरलेस सेट पुलिस स्टाफ को दिए जाएंगे, जिससे हर परिस्थिति में त्वरित संवाद संभव हो सके। वहीं, आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए 06 ड्रोन पूरे केदारनाथ यात्रा मार्ग यथा सोनप्रयाग, गुप्तकाशी व जनपद मुख्यालय पर निगरानी, रेस्क्यू कार्यों एवं ट्रैफिक/क्राउड मैनेजमेंट में सहयोग हेतु उपयोग किए जाएंगे । इस वर्ष की यात्रा में पुलिस प्रशासन द्वारा इन सभी आधुनिक संसाधनों का समन्वित उपयोग करते हुए यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाएगी। पीए सिस्टम द्वारा मौसम, मार्ग स्थिति और आवश्यक निर्देशों की नियमित घोषणा की जाएगी। वायरलेस सेट के जरिए सभी तैनात बलों के बीच त्वरित और प्रभावी संचार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरन्त प्रतिक्रिया दी जा सके। ड्रोन के माध्यम से ऊंचाई वाले और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन में भी इनका उपयोग किया जाएगा। साथ ही, ड्रोन के माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित एवं संचालित किया जाएगा ।

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