श्रीकोट | चौकी श्रीकोट को बेस चिकित्सालय श्रीकोट, श्रीनगर द्वारा एक 70 वर्षीय अज्ञात महिला की मृत्यु के संबंध में सूचना दी गई। इस संबंध में चौकी प्रभारी श्रीकोट द्वारा जानकारी प्राप्त की गई जिसमें ज्ञात हुआ कि महिला को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग से उपचार हेतु बेस चिकित्सालय श्रीकोट रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था। महिला की पहचान एवं परिजनों का पता लगाने के लिए श्रीकोट पुलिस टीम द्वारा शव को मोर्चरी में नियमानुसार सुरक्षित रखा गया तथा पुलिस कंट्रोल रूम, डीसीआरबी, सोशल मीडिया एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से लगातार शिनाख्त के प्रयास किए गए। पुलिस द्वारा किए गये कई दिनों की निरंतर खोजबीन के बावजूद प्रारंभिक स्तर पर महिला की पहचान नहीं हो सकी और न ही कोई परिजन अस्पताल अथवा कोतवाली श्रीनगर पहुंचा। लगातार किए गए प्रयासों के फलस्वरूप मृतका की पहचान श्रीमती बिजली देवी, निवासी- रुद्रप्रयाग के रूप में हुई। परिजनों के पूर्व में उपस्थित न होने के कारण ऐसी विषम परिस्थितियों में चौकी प्रभारी श्रीकोट राजेश असवाल व पुलिस टीम द्वारा केवल अपने कानूनी दायित्वों का निर्वहन ही नहीं किया, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी परिचय दिया। पुलिस कर्मियों द्वारा मृतका को पूर्ण सम्मान, गरिमा एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी गई।
*महत्वपूर्ण बिन्दुः-*
👉शव शिनाख्त न होने के कारण प्रमुख सचिव चिकित्साशिक्षा अनुभाग-1 उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश संख्या-960/XXVIII(I)/2011-36/2011 दिनाँक 14 सितम्बर 2011 एवं श्रीमान जिलाधिकारी महोदय पौडी गढवाल के पत्र संख्या-292/20-ए.एल.सी./2011-12 दिनाँक 27 सितम्बर 2011 के अनुपालन मे मृतका के शव को बिना पोस्टमार्टम आर्युविज्ञान संस्थान श्रीकोट श्रीनगर के सुपुर्द किये जाने का अनुरोध किया गया किंतु महिला के एच0आई0वी0 पॉजिटिव होने के कारण एनाटोमी विभाग मेडिकल कॉलेज श्रीनगर द्वारा संक्रमण के मध्यनजर शव को लेने से इनकार कर दिया गया।
👉 इस बीच पुलिस द्वारा अज्ञात महिला शव की शिनाख्त के तमाम प्रयासों के उपरांत दिनांक 1-6-2026 को महिला की पहचान श्रीमती बिजली देवी, निवासी- रुद्रप्रयाग उम्र 70 वर्ष के रूप में हुई।
👉 तत्पश्चात ग्राम प्रधान के माध्यम से महिला के परिजनों से संपर्क कर पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही में सम्मिलित होने व शव को अंतिम संस्कार हेतु ले जाने का अनुरोध किया गया।
👉महिला के एचआईवी पॉजिटिव होने के कारण परिवारजन पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही में सम्मिलित होने व शव को कब्जे में लेने से डरने लगे।
👉परिवारजनों को समझाया गया कि वह मौजूद रहे बाकी सभी काम पुलिस द्वारा संपादित कर दिए जाएंगे। काफी अनुरोध करने के उपरांत परिवारजन आए तब पुलिस द्वारा महिला के परिवारजनों के समक्ष पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही के उपरांत ससम्मान महिला को विधि विधान से मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस सम्पूर्ण कार्यवाही में चौकी प्रभारी श्रीकोट श्री राजेश असवाल, आरक्षी हरीश लिंगवाल, होमगार्ड रमेश खरे व शव दाह करने वाले कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
















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