हरिद्वार | दिनांक 3 सितंबर 2025 को दिन के समय प्लेटफार्म पर वेंडर वादी आलोक मिश्रा निवासी गोंडा उत्तर प्रदेश द्वारा अपने मैनेजर से पैसों का हिसाब किताब किए जाने के दौरान मुख्य अभियुक्त अरुण सोनी जिसके साथ दो महिलाएं भी थी, द्वारा कहा गया कि हम टूरिस्ट हैं और आगरा जाकर ताजमहल देखने जा रहे हैं हमारे पास कैश पैसा नहीं है, हमको ₹20000 दे दो मैं अभी ₹500 बढ़ाकर तुमको तुरंत ऑनलाइन पैसे दे रहा हूं थोड़ी ही देर में अभियुक्त द्वारा वादी को ऑनलाइन पेमेंट किए जाने का अपने मोबाइल पर मैसेज भी दिखाया गया, अपना आधार कार्ड भी दिखाया। शातिर एसी कोच में सफर करता था और साथ में महिलाएं भी थीं लगेज भी ठीक-ठाक था, बात करने का तरीका भी ठीक था, इन सब बातों से पीड़ित इनकी बातों में आ गया और इनको बीस हजार रुपए कैश दे दिए गए। पीड़ित ने जब कहा कि मेरी पत्नी के अकाउंट में अभी तक पैसा नहीं आया है तो धोखेबाज द्वारा कहा गया कि कभी-कभी ऐसा हो जाता है कि मैसेज थोड़ी देर में आए लेकिन मैं ऑनलाइन पेमेंट तो कर ही चुका हूं और वहां से चला गया । अभियुक्त इतना चालाक था कि पकड़े जाने के डर से ऑनलाइन कोई भी काम नहीं करता था यहां भी उसने मैसेज एवं आधार कार्ड दिखाया और कैश में पैसा लेकर नौ दो ग्यारह हो गया । घटना के संदर्भ में थाना जीआरपी हरिद्वार में मुकदमा अपराध संख्या 85/25 धारा 318(4) बीएनएस दर्ज किया गया ।
किन लोगों को किया जाता था टारगेट
पकड़े गए मुख्य अभियुक्त अरुण अनूप सोनी द्वारा ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जो ठेली लगाते हों, वेंडर हों या ऐसे व्यक्ति जो मोबाइल में आने वाले ऑनलाइन मैसेज के बारे में बहुत अधिक जानकारी न रखते हों।
लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन थे अभियुक्तगण–
अभियुक्तगण लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन थे, आधुनिक प्रचलन में चल रहे ब्रांड के कपड़े पहनते थे, बढ़िया सूटकेस और लगभग हर बार एसी कोच में ही सफर करते थे ताकि किसी को उन पर कोई शक न रहे।
गोवा में ट्रेन छूटने पर हुई थी “बंटी और बबली” की दोस्ती–
मुख्य अभियुक्त अरुण सोनी (निवासी नागपुर महाराष्ट्र) और वर्षा (निवासी गोलाघाट, आसाम) बेंगलुरु से गोवा जा रहे थे लेकिन ट्रेन छूटने के कारण दोनों की बेंगलुरु में पहली बार मुलाकात हुई और यह मुलाकात जल्दी ही गहरी दोस्ती में बदल गई इसके बाद दोनों गोवा समेत भारत के अन्य कई स्थानों पर घूमने गए। अय्याशी की जिंदगी जी रही वर्षा द्वारा अपनी मौसी की लड़की आरती बोरा (निवासी जिला गोलाघाट आसाम) को भी अपने साथ ले लिया।
लक्सर में भी कर चुके थे वारदात
मुख्य अभियुक्त अरुण सोनी बात का इतना धनी था कि ठेली और वेंडर वालों को तुरंत ही अपनी बातों में उलझा लेता था। हरिद्वार में घटना करने के बाद लक्सर में भी एक दुकान में लगभग ढाई हजार रुपए का इसी प्रकार से फ्रॉड किया और चलता बना। जिस पर थाना लक्सर जीआरपी में भी इसके खिलाफ एक मुकदमा अपराध संख्या 42/25 धारा 318(2) दर्ज है।
रुड़की में अगले शिकार की तलाश में थे शातिर
घटना करने के बाद पकड़े जाने के डर से स्थान छोड़ देने वाले महाराष्ट्र एवं आसाम के तीनों शातिर अगले शिकार की तलाश में रुड़की रेलवे स्टेशन से पकड़े गए जो अब जेल के अंदर हैं। अभियुक्तों से दोनों मुकदमे की हंड्रेड परसेंट रिकवरी हुई है। पूछताछ में इनके द्वारा बताया गया कि ट्रेन में वारदात करने के बाद पकड़े जाने की संभावना बहुत कम होती है। हमको कभी नहीं लगा कि हम पकड़े जाएंगे।
मुख्य अभियुक्त अरुण सोनी द्वारा बताया गया कि एक बार मेरे साथ ऐसे ही घटना हो गई थी जिसमें मेरे कुछ हजार रुपये चले गए थे जिस पर मेरे द्वारा अपने दोस्त लोगों से पूछकर फिर गूगल की मदद से मैंने इस प्रकार के मैसेज भेजना सीखा।
बरामदगी पर मुक़दमा उपरोक्त में धारा 3(5), 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई।
कप्तान द्वारा पुलिस टीम की प्रशंसा–
कप्तान तृप्ति भट्ट द्वारा 24 घंटे के अंदर भोले भाले लोगों को ठगने वाले शातिरों को पकड़कर 100% बरामदगी के साथ जेल भेजे जाने पर थाना जीआरपी हरिद्वार एवं पूरी पुलिस टीम की प्रशंसा की है। स्थानीय जनता द्वारा भी सभी नटवर लालों के जेल पहुंचने पर खुशी जाहिर की गई है।
अभियुक्तगण–
1- अरुण सोनी पुत्र अनूप सोनी निवासी पडयमना थाना बाड़ी जिला नागपुर महाराष्ट्र बीकॉम 1ST ईयर
2- भारती बोरा निवासी गांव पुली काइटोनी थाना गालाधारी जिला गोलाघाट असम 12वीं पास
3- वर्षा निवासी मिनारी बोरा सारू लंगेथा जिला गोलाघाट आसाम 12वीं पास
बरामदगी–
कुल 22500 रूपये
घटना में इस्तेमाल मोबाइल
















Leave a Reply