हरिद्वार। जनगणना 2027 को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के सफल और पारदर्शी संचालन के लिए शुक्रवार को जिला विकास भवन स्थित ऑडिटोरियम में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में चार्ज अधिकारियों, अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों को जनगणना की बारीकियों से रूबरू कराया गया । प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनगणना महज आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और भविष्य की नीतियों का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और जनगणना कार्य में शत-प्रतिशत शुद्धता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । प्रशिक्षण के दौरान निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए प्रथम चरण की तैयारियों की तरह द्वितीय चरण को भी पूरी गंभीरता से पूरा करने पर जोर दिया । जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार और जनगणना निदेशालय उत्तराखंड से पहुंचे उप निदेशक परवीन कुमार ने अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया । इसमें डिजिटल एप्लीकेशन, स्वगणना (Self Enumeration), डेटा संग्रहण, सत्यापन, तकनीकी प्रबंधन और फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की जानकारी दी गई । प्रशिक्षण में जनगणना 2027 की प्रस्तावित समय-सारणी भी साझा की गई। इसके अनुसार स्वगणना 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक होगी, जबकि जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित की जाएगी। अधिकारियों को दोनों चरणों की तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए । कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला जनगणना अधिकारी वैभव गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र सेठ, एसडीएम हरिद्वार योगेश मेहरा, एसडीएम भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे ।
जनगणना 2027 की तैयारी तेज, हरिद्वार में अफसरों को मिला डिजिटल प्रशिक्षण |
















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