पौड़ी | हरियाणा निवासी एक व्यक्ति द्वारा कोतवाली कोटद्वार पर अपनी 16 वर्षीय पुत्री के गुमशुदा होने की तहरीर दी गई। जिस पर तत्काल कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0सं0-23/2026, धारा 137(2) BNS पंजाकृत किया गया । प्रकरण नाबालिग बालिका से संबंधित होने के कारण मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार द्वारा ए.एच.टी.यू प्रभारी को विशेष टीम गठित कर बालिका की शीघ्र बरामदगी हेतु निर्देशित किया गया । निर्गत निर्दशों के क्रम में विवेचक एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा गुमशुदा नाबालिग बालिका की तलाश हेतु व्यापक अभियान चलाया गया। लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन के दौरान प्रारंभिक जांच में बालिका के हरियाणा में होने की संभावना पर टीम वहां पहुंची, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। इसके पश्चात सुरागरसी-पतारसी के आधार पर बालिका के जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) में होने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम ने बिजनौर पहुंचकर अथक प्रयासों के बाद नाबालिग बालिका को सकुशल बस स्टेशन से बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बालिका को सुरक्षित कोतवाली कोटद्वार लाया गया तथा विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया । CWC की उपस्थिति में विवेचक व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा बालिका एवं परिजनों की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में बालिका ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते वह नाराज होकर घर से चली गई थी व उसके साथ किसी भी प्रकार कोई अप्रिय घटना नही हुई है वह बिजनौर में काम की तलाश मे थी लेकिन पहचान पत्र न होने के कारण उसे काम नहीं मिला। बालिका द्वारा परिजनों के पास जाने से इनकार करने पर CWC के आदेशानुसार उसे सुरक्षा के दृष्टिगत सिम्बलचौड़ स्थित पुनर्वास केंद्र में सुरक्षित दाखिल कराया गया। पौड़ी पुलिस द्वारा नाबालिगों की सुरक्षा हेतु निरंतर सतर्कता बरती जा रही है तथा इस प्रकार के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ।
नाबालिगो की सुरक्षा के प्रति सजग पौड़ी पुलिस—गुमशुदा बालिका को ढूंढकर दिलाया सुरक्षित आश्रय हरियाणा से उत्तर प्रदेश तक चली तलाश— नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर पुनर्वास केंद्र में कराया ।
















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