फर्जी मार्कशीट बनाकर रोजगार प्राप्त करने के प्रयास का पुलिस ने किया खुलासा शैक्षणिक असफलता के बाद गैरकानूनी गतिविधियों की ओर बढ़ा कदम, फर्जीवाड़े का लिया सहारा अब पहुंचा कानून की गिरफ्त में ।

श्रीनगर | वादी जय सिंह चौहान, परीक्षा नियंत्रक, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर द्वारा कोतवाली श्रीनगर पर एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि कासिफ कलीम एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा विश्वविद्यालय के नाम, अंकतालिकाओं, उपाधि प्रारूपों, विश्वविद्यालयीय मोहरों एवं संबंधित अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का कूटरचित एवं अवैध रूप से निर्माण कर उन्हें वास्तविक एवं प्रमाणिक अभिलेखों के रूप में विभिन्न स्थानों पर प्रयोग किया गया है। इसके आधार पर कोतवाली श्रीनगर पर मु0अ0सं0-19/2026, धारा 318(4), 336(3), 336(4), 338 एवं 340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर मामले की विवेचना प्रारंभ की गई । प्रकरण की गंभीरता, संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए नामजद अभियुक्तों एवं अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की शीघ्र पहचान एवं गिरफ्तारी हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

निर्गत निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु तकनीकी एवं पारंपरिक पुलिस कार्यवाहियों को समानांतर रूप से संचालित करते हुए गहन स्तर पर जांच प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा प्रकरण से संबंधित तथ्यों एवं साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए अभियुक्त की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया। इसके अतिरिक्त संभावित ठिकानों, संपर्क सूत्रों एवं अभियुक्त की गतिविधियों के संबंध में लगातार सुरागरसी-पतारसी की गई। टीम द्वारा विभिन्न माध्यमों से महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्रित करते हुए अभियुक्त के संबंध में तथ्य जुटाए गए। लगातार अथक प्रयासों एवं प्रभावी सूचना संकलन के उपरांत स्थानीय पुलिस के सहयोग से जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश में दबिश देकर एक नामजद अभियुक्त कासिफ कलीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के कब्जे से मुकदमे से संबंधित विभिन्न फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी बरामद किए गए।गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

*पूछताछ का विवरण*
पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह पूर्व में डीएवी (पीजी) कॉलेज, देहरादून से बी.एससी. की पढ़ाई कर रहा था, किन्तु परीक्षा में असफल होने के पश्चात उसने नौकरी प्राप्त करने एवं स्वयं को शैक्षणिक रूप से पात्र प्रदर्शित करने के उद्देश्य से फर्जी अंकतालिका एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए । प्रकरण में अन्य संभावित व्यक्तियों की संलिप्तता एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने के नेटवर्क के संबंध में भी पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है। मामले में प्राप्त होने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है ।

पंजीकृत अभियोग का विवरण :
मु0अ0सं0-19/2026, धारा – 318(4), 336(3), 336(4), 338 एवं 340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS)

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण :
कासिफ कलीम पुत्र छुट्टन खान, निवासी – नगीना, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश
उम्र – 35 वर्ष

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