शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत पर महिला आयोग सख्त, अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने लिया स्वतः संज्ञान

देहरादून | हर्रावाला (डोईवाला) क्षेत्र की नवविवाहिता एवं शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले से जुड़े प्रताड़ना के आरोपों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा ।

पुलिस अधिकारियों से फोन पर ली विस्तृत जानकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल तथा क्षेत्राधिकारी (सीओ) डोईवाला वंदना वर्मा से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित की जाए तथा जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

सोशल मीडिया वीडियो और साक्ष्यों की भी होगी गंभीर जांच

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि पीड़िता को लंबे समय तक मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सामने आते हैं कि प्रताड़ना के कारण पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई थी और यही उसकी मौत का कारण बना, तो इसमें शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा

कुसुम कंडवाल ने मृतका के शोकाकुल परिजनों से भी दूरभाष पर बात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ हुई मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है।

जांच की लगातार निगरानी करेगा आयोग

महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि वह पूरे मामले की निरंतर निगरानी करेगा। पुलिस प्रशासन से समय-समय पर जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की जाएगी, ताकि जांच निष्पक्ष, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

महिलाओं से अपील—चुप न रहें, आयोग आपके साथ है

महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना या उत्पीड़न को सहन करना भी गलत है। यदि किसी महिला के साथ घर या बाहर किसी भी प्रकार का अत्याचार हो रहा है तो वह बिना किसी भय के शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ खड़ा है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता है।

न्याय की उम्मीद के साथ बढ़ी कार्रवाई

सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में महिला आयोग की सक्रियता के बाद अब पुलिस जांच पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषियों को संरक्षण स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *