मंत्री रेखा आर्य वाला दलिया-सत्तू इंसान तो क्या जानवर तक नहीं खा रहे: मोर्चा

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग का है मामला।

एक्सपायरी डेट का सामान थमाया जा रहा आंगनबाड़ी केंद्रों को।

केंद्रीय भंडार से कराई जाती है आपूर्ति खाद्य सामग्रियों की।

महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की भी नहीं परवाह है मंत्री को।

अपने कमीशन के फेर में कुछ नहीं दिख रहा मंत्री को‌

विकासनगर | जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य द्वारा सिर्फ और सिर्फ अपना विकास किया जा रहा है, जिसके तहत इनके द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को घटिया एवं एक्सपायरी डेट वाली खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। आपूर्तिकर्ता कंपनी केंद्रीय भंडार, मसूरी के माध्यम से इन आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्य सामग्री यथा दलिया-सत्तू- कुक्ड फूड- बाल भोग व हलवा आदि सामग्री थमायी जा रही है तथा ये सामान आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों (बाल्यों) को वितरित की जा रही है, जिसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसको इंसान तो क्या जानवर भी खाना पसंद नहीं कर रहे। ये बात मोर्चा नहीं कह रहा, जिनको यह वितरित हो रहा है उनसे जानकारी ली जा सकती है। आखिर कब तक गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के जीवन से खिलवाड़ होता रहेगा। नेगी ने कहा वैसे तो आंगनवाड़ी वर्कर्स हेतु जो साड़ियां एवं सूट्स आदि जबरन थोपे जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि उसको वर्कर्स पहनना/ इस्तेमाल करना भी पसंद नहीं करती। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में यह खाद्य सामग्री सड रही है, जिसका कारण यह है कि लोग इसको इस्तेमाल करना ही नहीं चाह रहे। आखिर इस टेक होम राशन व अन्य खरीद की आड़ में कब तक कमीशन खोरी का खेल चलता रहेगा। डीबीटी के माध्यम से इस खाद्य सामग्री के बदले लाभार्थियों के खाते में सीधा पैसा क्यों नहीं डाला जाता। मोर्चा मंत्री रेखा आर्य को आगाह करता है कि अपनी कमीशन खोरी के चक्कर में गर्भवती महिलाओं एवं बाल्यों के जीवन से खिलवाड़ न करें वरना आर- पार की लड़ाई होगी। पत्रकार वार्ता में- दिलबाग सिंह व पछवादून अध्यक्ष अमित जैन मौजूद थे।

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