गुमशुदा महिला सुनीता देवी के अपहरण व हत्या के सनसनीखेज मामले का पिथौरागढ़ पुलिस ने किया सफल खुलासा |

पिथौरागढ़ | राजस्व क्षेत्र कालासिला, तहसील बेरीनाग, जनपद पिथौरागढ़ में वादी बहादुर राम निवासी दङमेत कमदिना द्वारा अपनी बहू सुनीता देवी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जिस पर पटवारी क्षेत्र कालसिला में धारा 140(3) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया था । प्रकरण की विवेचना नियमित पुलिस को हस्तांतरित हुई। एसपी पिथौरागढ़ रेखा यादव के निर्देशन में, सीओ बेरीनाग गोविन्द बल्लभ जोशी के पर्यवेक्षण में विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि गुमशुदा सुनीता देवी को विजय प्रसाद निवासी ग्राम किसमिला, थाना कपकोट जिला बागेश्वर, द्वारा बहला-फुसलाकर शादी करने के बहाने अपहृत किया गया था। इससे पूर्व भी अभियुक्त विजय प्रसाद द्वारा सुनीता देवी को बहला- फुसलाकर अपने साथ ले जाकर घुमाने व अपने घर लाने की पुष्टि हुई । इस घटना से नाराज़ होकर विजय प्रसाद के परिजनों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर गुमशुदा सुनीता देवी को रामगंगा नदी में फेंक कर हत्या करना पूछताछ व साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आया । एसएचओ बेरीनाग नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस ने विवेचना के क्रम में अभियोग में धारा 87/140(1)/3(5) बीएनएस की वृद्धि कर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर रामगंगा नदी से गुमशुदा सुनीता देवी का बैग, फोटो, एक स्वेटर तथा दुपट्टा बरामद किया गया। हालांकि गुमशुदा का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है ।

गिरफ्तार किए गए अभियुक्त—
विजय प्रसाद पुत्र रमेश राम (उम्र 22 वर्ष)
रमेश राम पुत्र अनीराम (उम्र 42 वर्ष)
हरीश राम पुत्र करम राम (उम्र 43 वर्ष)
बलवंत राम (उम्र 45 वर्ष)
उक्त अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *