सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 06 लाख की ठगी करने वाले शातिर ठग को पौड़ी पुलिस ने धर दबोचा नौकरी दिलाने के नाम पर महिला का शारीरिक उत्पीड़न करने की भी करी कोशिश ।

पौड़ी  |  कोटद्वार निवासी आवेदिका द्वारा कोतवाली कोटद्वार पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि गिरीश चन्द्र मिश्रा नाम के व्यक्ति से आवेदिका की माह सितम्बर-2024 को फोन के माध्यम से बात हुई थी जो अपने आप को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बता रहा था तथा आवेदिका के भाई को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर आवेदिका से 07 लाख रुपए की मांग की गई। जिस पर आवेदिका ने उक्त व्यक्ति को कुल 06 लाख रूपये दे दिये। इस व्यक्ति द्वारा कई बार ज्वाइनिंग लेटर देने के बहाने अपने पास बुलाकर अपनी बातों में फंसाकर आवेदिका से जोर जबरदस्ती कर शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। गिरीशचंद्र मिश्रा पीड़िता के घर पर आया ओर वहां भी जोर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। पीड़िता अपने पैसे फंसे होने व भाई की नौकरी लगने के लालच व डर के कारण सब सहती रही।  गिरीश चन्द्र मिश्रा ने पीड़िता को फोन करके उसके भाई को पी.डब्लू.डी. ऋषिकेश में नौकरी लगाने का ज्वाइनिंग लेटर देने के बहाने कोटद्वार में एक होटल में बुलाया वहां भी पुनः जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की पीड़िता द्वारा मना करने पर पीड़िता के भाई को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई तथा 07 लाख रुपए की और मांग करने लगा। तत्पश्चात पीड़िता द्वारा तंग व परेशान होकर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इस सम्बन्ध में कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0स0-92/25, धारा-308(6),318(4),62,64,75(1) बीएनएस बनाम गिरीश चंद्र मिश्रा पंजीकृत किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा पीड़िता के साथ हुयी इस धोखाधड़ी व एक्सटॉर्शन की इस घटना को गम्भीरता से लेते हुये अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था | जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चन्द्रमोहन सिंह क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार रमेश सिंह तनवार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयासों के फलस्वरूप इस मुकदमें में संलिप्त अभियुक्त की गिरफ्तारी करने हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा उक्त अभियुक्त गिरीश चन्द्र मिश्रा को  लाल बत्ती चौक कोटद्वार के पास से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से उसका उत्तराखंड सचिवालय का फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद किया गया। जिसके आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा-238,338,363(3),340(2) बीएनएस की वृद्धि की गई। अभियुक्त शातिर किस्म का अपराधी है जो अपने आप को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई भोले-भाले लोगों से पैसा ठग चुका है इसके विरुद्ध जनपद अल्मोड़ा व नैनीताल में आपराधिक मामले दर्ज है। उक्त गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को आज न्यायालय के समक्ष पेश आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अपराध करने का तरीका

शातिर अभियुक्त खुद को उत्तराखंड सचिवालय का समीक्षा अधिकारी बताकर सचिवालय का रौब दिखाकर महंगे होटल में ठहरता है तथा वहां पर भोले भाले लोगों को बुलाकर उनके सामने फोन पर बड़े अधिकारियों से बात करने का नाटक करता है ताकि लोगों को विश्वास हो जाए कि इसकी बहुत जान पहचान है। जिस कारण भोले भाले लोग इसके झांसे में आ जाते है। और नौकरी लगाने के नाम पर इसे मोटी रकम दे देते थे।

नाम पता अभियुक्त
गिरीश चन्द्र मिश्रा (उम्र 27 वर्ष) पुत्र श्री आनंद बल्लभ मिश्रा, निवासी ग्राम- अनर्पा,थाना- मुक्तेश्वर, जिला-नैनीताल

पंजीकृत अभियोग
मु0अ0स0-92/25 धारा 308(6),318(4),62,64,75(1),238,338,363(3),340(2) बीएनएस बनाम गिरीश चंद्र मिश्रा।

आपराधिक इतिहास अभियुक्त
1. मु0अ0स0-09/22, धारा-354(क), 354(घ), 504, 506, 376 भा.द.वि, ⅚ पॉक्सो अधिनियम बनाम गिरीश चंद्र मिश्रा,जनपद- अल्मोड़ा।
2. मु0अ0स0-28/24, धारा 420 भा.द.वि बनाम गिरीश चन्द्र मिश्रा,जनपद-अल्मोड़ा।
3. मु0अ0सं0-104/22, धारा-323,504,506 भा.द.वि. बनाम गिरीश चंद्र मिश्रास थाना हल्द्वानी

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