हरिद्वार । आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रुड़की में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट की अध्यक्षता में विभागवार समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी विभाग अपने-अपने जिम्मेदारी वाले कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े । आगामी कांवड़ यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेट की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में देशभर से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष भी यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने बैठक के दौरान कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कांवड़ यात्रा मार्ग एवं कांवड़ पटरी पर की जा रही व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में कांवड़ यात्रा मार्ग और कांवड़ पटरी पर होने वाले कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में कांवड़ पटरी एवं यात्रा मार्गों की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, जल संस्थान एवं जल निगम द्वारा जलापूर्ति, मोबाइल शौचालयों का चिन्हांकन, स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक जनसुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए । समीक्षा के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे— कांवड़ यात्रा मार्गों की मरम्मत कांवड़ पटरी को सुरक्षित एवं सुगम बनानानिर्बाध विद्युत आपूर्ति पेयजल व्यवस्था जल संस्थान एवं जल निगम की तैयारियांमोबाइल शौचालयों की उपलब्धता स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता एम्बुलेंस एवं आपातकालीन सेवाएं यातायात प्रबंधन भीड़ नियंत्रण व्यवस्था विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग के स्तर पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो । ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित स्थलीय एवं संयुक्त निरीक्षण करने तथा कमियों का समय रहते निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विभाग को नोडल अधिकारी नामित कर समन्वित रूप से कार्य करने के लिए कहा गया ।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए— संवेदनशील स्थानों की पहचान भीड़ वाले क्षेत्रों का विशेष प्रबंधन यातायात का वैज्ञानिक संचालन मेडिकल सहायता केंद्र कंट्रोल रूम आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने अधिकारियों से कहा कि केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय सभी अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि— संयुक्त निरीक्षण किए जाएं। कमियों की तुरंत पहचान हो। निर्धारित समय के भीतर सुधार किया जाए। विभागों के बीच समन्वय बना रहे । बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक विभाग को एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए। इससे किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभागों के बीच त्वरित संवाद स्थापित हो सकेगा और निर्णय लेने में देरी नहीं होगी। बैठक में उपस्थित सभी विभागों ने कांवड़ यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन के लिए पूर्ण सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक (देहात), तहसीलदार रुड़की, अपर तहसीलदार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), एआरटीओ, एआरएम रोडवेज, रेलवे, जल संस्थान, जल निगम, नगर निगम रुड़की, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), यूपीसीएल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे । बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से— स्वच्छ पेयजलn साफ-सफाई पर्याप्त शौचालय चिकित्सा सहायता बिजली रोशनी सुरक्षित सड़कें पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में मौजूद सभी विभागों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि कांवड़ यात्रा-2026 को सफल बनाने के लिए पूर्ण समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाएगा। सभी अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का भरोसा दिया । बैठक में पुलिस अधीक्षक (देहात), तहसीलदार रुड़की, अपर तहसीलदार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS), एआरटीओ, एआरएम रोडवेज, रेलवे विभाग, जल संस्थान, जल निगम, नगर निगम रुड़की, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), यूपीसीएल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर हरिद्वार प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं । विभागवार समीक्षा बैठकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। यदि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में अपने कार्य पूरे करते हैं तो इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का अनुभव मिल सकता है ।













Leave a Reply