रिपोर्ट – वंश शर्मा
गंगनहर | वादी मिठवा पुत्र ईलम चंद निवासी ग्राम सुनहरा, कोतवाली गंगनहर ने थाना गंगनहर में सूचना दी कि उनका पुत्र मुन्ना उम्र 31 वर्ष है जो बैटरी रिक्शा चालक है | लापता है। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए तुरंत युवक की तलाशी हेतु अभियान चलाया गया।
वादी को सूचना मिली कि मुन्ना का शव सालियर-मंगलौर हाईवे के किनारे बरामद हुआ है । इस सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए प्रभारी निरीक्षक गंगनहर मय पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँचे। मौके पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर सुयाल व क्षेत्राधिकारी रुड़की नरेन्द्र पंत भी पहुंचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया । प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका पर कोतवाली गंगनहर पर मु0अ0सं0 199/2025 धारा 103(1) BNS के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी रुड़की के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा मृतक के परिजनों व परिचितों से पूछताछ कर लगभग 500 से अधिक CCTV कैमरों की मदद से मृतक की अंतिम गतिविधियों की जानकारी एकत्र की साथ ही पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर कॉल डिटेल व मोबाइल डेटा का गहन विश्लेषण किया गया । जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक के ई-रिक्शा से दो बैटरियाँ गायब थीं तथा उसका मोबाइल फोन घटनास्थल पर नहीं मिला, जिससे लूटपाट की मंशा से हत्या की आशंका और मजबूत हुई ।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी
पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि 02 व्यक्ति गुरुरामराय इंटर कॉलेज के पास ई-रिक्शा चालकों को बैटरियां बेचने बातचीत चल रही थी जिसकी सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को मौके से दबोच लिया गया।
हिरासत में लिये गये अभियुक्तों के नाम-
आशीष कुमार उर्फ सरदार पुत्र सतीश कुमार, निवासी सलेमपुर राजपूताना, रुड़की है जिसके कब्जे से मृतक मुन्ना का ACE (कीपैड) मोबाइल फोन बरामद हुआ, तथा दुसरे व्यक्ति का नाम विक्रांत उर्फ राहुल उर्फ रोल्ला पुत्र राजेन्द्र कुमार, निवासी सलेमपुर राजपूताना, रुड़की जिसकी तलाशी लेने पर कब्जे से एक आधार कार्ड बरामद।
हत्या का कारण
सख्ती से पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि आशीष द्वारा जनलक्ष्मी फाइनेंस से लिए गए लोन की ₹7500 की किश्त चुकाने के लिए उन्होंने मृतक मुन्ना को ई-रिक्शा बुकिंग के बहाने ₹500 में बुलाया और सलियर से मंगलोर हाईवे पर सुनसान जगह ले जाकर शराब पिलाई इस दौरान राहुल ने चुपचाप रिक्शा के पास जाकरबैट्री निकालने लगा जिसे मुन्ना ने देख लिया मुन्ना ने राहुल का विरोध करते हुए हाथापाई की राहुल का साथ देते हुए आशीष ने अपनी बेल्ट से गला घोंट दिया और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव को उन्होंने निर्माणाधीन दीवार के पीछे काली बरसाती (तिरपाल) से ढक कर छिपा दिया।घटनास्थल पर आशीष बाइक से आया था और उसी की बाइक पर बैट्री रखकर बैट्री घर में छुपा दी थी जिसे आज बेचने आए थे । हरिद्वार पुलिस की सतर्कता, सूझबूझ और अथक प्रयास से यह जघन्य ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा लिया गया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी से न केवल मृतक को न्याय मिला, बल्कि समाज में पुलिस की तत्परता का भी उदाहरण प्रस्तुत हुआ है ।
बरामदगी-
1.मृतक मुन्ना का मोबाइल फोन (ACE कीपैड)
2.ई-रिक्शा की दो बैटरियां













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