हरिद्वार | रात्रि में रेलवे स्टेशन रुड़की पर प्लेटफॉर्म ड्यूटी के दौरान जीआरपी पुलिस कर्मियों को दो नाबालिग बालिकाएं असहाय अवस्था में रोती-बिलखती हुई मिलीं। पूछताछ करने पर बालिकाओं ने अपना नाम आंचल पुत्री विनोद कुमार, उम्र लगभग 13 वर्ष तथा ऋतु पुत्री विनोद कुमार, उम्र लगभग 10 वर्ष, निवासी शक्ति विहार कॉलोनी, रुड़की बताया । बालिकाओं ने बताया कि उनकी माता द्वारा डांटने पर वे घर से नाराज होकर बिना बताए रेलवे स्टेशन रुड़की पहुंच गई थीं तथा ट्रेन से दिल्ली जाने की योजना बना रही थीं।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात जीआरपी कर्मचारियों ने दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया तथा महिला कांस्टेबल बिंदु सैनी की निगरानी में बैठाकर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर बालिकाओं की माता फूलमती पत्नी विनोद कुमार तथा उनकी नानी गेंदवा चौकी जीआरपी रुड़की पहुंचीं।संपूर्ण जांच-पड़ताल एवं आवश्यक सत्यापन के उपरांत दोनों नाबालिग बालिकाओं को उनकी माता एवं नानी की सुपुर्दगी में सकुशल सौंप दिया गया । परिजनों द्वारा जीआरपी रुड़की पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में बच्चों का विशेष ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया।जीआरपी उत्तराखंड आमजन से अपील करती है कि यदि कोई बच्चा घर से नाराज होकर चला जाए अथवा रेलवे स्टेशन पर कोई नाबालिग असहाय अवस्था में दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस अथवा रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दें, जिससे समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।
घर से नाराज होकर रेलवे स्टेशन पहुंचीं दो नाबालिग बहनों को जीआरपी रुड़की ने सकुशल परिजनों से मिलाया |














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