मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की टिहरी के विकास कार्यों की समीक्षा |

टिहरी | मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद बर्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए मुख्य सचिव ने कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था, जनसंख्या तथा विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान सड़क नेटवर्क, मोटरेबल पुलों और लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। कुंभ मेला से जुड़ी नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ सड़क के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई।

पीएमजीएसवाई और सिंचाई योजनाओं पर विशेष जोर

बैठक में पीएमजीएसवाई फेज-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों तथा आपदा और बाढ़ से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई, जबकि क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में मुख्य सचिव ने विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुनि की रेती ड्रेनेज परियोजना और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा

मुनि की रेती क्षेत्र में 40 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित वर्षा जल निकासी प्रणाली के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा के लिए अस्थायी चैनलाइजेशन कार्य किए गए हैं, लेकिन नदी तल का स्तर बढ़ने से अतिरिक्त सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता बनी हुई है।

जल जीवन मिशन और सीवर योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने देवप्रयाग और कीर्तिनगर क्षेत्रों में नई पंपिंग योजनाओं की आवश्यकता और पेयजल आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को भी रखा। नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल मांग और रखरखाव बजट की कमी को प्रमुख चुनौती बताया गया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली योजनाओं पर फोकस

मुख्य विकास अधिकारी ने फार्म आधारित और गैर-कृषि गतिविधियों के तहत विभिन्न ब्लॉकों में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इनमें फूड कार्ट, सड़क किनारे ईटरी, डेयरी फार्म, मशरूम उत्पादन, मत्स्य पालन, प्लम एवं बकरी पालन, पोल्ट्री, हर्बल ऑयल और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियां शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

एडीबी परियोजना के तहत टिहरी झील क्षेत्र के पर्यटन विकास की समीक्षा

बैठक से पूर्व भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा भी की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी और जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास के लिए डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी और लेक क्लस्टर में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।

बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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