पौड़ी | साइबेरिया (रूस) निवासी दिव्या तरिनी और उनकी पुत्री विशाखा ऋषिकेश रामझूला घूमने आईं हुई थीं। गंगा
किनारे की सुंदर वादियों में सैर करते समय उनका छोटा हैंडबैग कहीं गुम हो गया। उस बैग में ₹45,000/- मूल्य का सैमसंग मोबाइल फोन, ₹20,000/- की इलेक्ट्रॉनिक बुक (i-book) और अन्य निजी सामान था ।
पौड़ी पुलिस बनी सहारा – उम्मीद की किरण
इस हताशा के बीच उन्होंने तुरंत चौकी रामझूला का रुख किया। सूचना मिलते ही चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल सुवर्धन एवं पीआरडी जवान विमल बिष्ट तुरंत हरकत में आए। जवानों ने बिना देर किए विदेशी मेहमानों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया और पूरी लगन से बैग की तलाश शुरू कर दी। जवानों ने आस पास के सभी घाटों को खंगाला, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और मैन्युअल पुलिसिंग का सर्वोत्तम उदाहरण पेश किया। उनकी अथक कोशिशें रंग लाई और पर्यटकों का खोया हुआ बैग सुरक्षित मिल गया जिसमें रखा सारा सामान भी ज्यों का त्यों सुरक्षित था। आज महिला पर्यटक को उनका खोया हैंड बैग वापस लौटाया गया । जब दिव्या तरिनी और उनकी पुत्री को उनका कीमती सामान वापस सौंपा गया तो उनके द्वारा पौड़ी पुलिस के इस मानवीय और सराहनीय कार्य की खुले दिल से प्रशंसा की और हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया \
















Leave a Reply