कोतवाली गुप्तकाशी पुलिस ने “अभियान प्रहरी पड़ाव” के तहत ग्राम सल्या में आयोजित की रात्रि चौपाल; नशे और साइबर अपराध के विरुद्ध ग्रामीणों को किया जागरुक अपणि बोलि भाषा मां गौं वाळु तें कैरि जागरुक ।

गुप्तकाशी | ​रुद्रप्रयाग जिले में पुलिस और जनता के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ करने हेतु पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में “अभियान प्रहरी पड़ाव” निरन्तर जारी है। इसी क्रम में गत रात्रि कोतवाली गुप्तकाशी पुलिस द्वारा उपनिरीक्षक हर्षमोहन के नेतृत्व में ग्राम सल्या में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल सहित समस्त ग्रामवासियों ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष गांव की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, जिस पर पुलिस टीम ने सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिलाया । ​’अभियान प्रहरी पड़ाव’ के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम द्वारा उपस्थित जनसमूह को वर्तमान की गंभीर चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराधों के बढ़ते ग्राफ और उनसे बचाव के तकनीकी तरीकों के बारे में विस्तार से जागरुक किया गया । कोतवाली गुप्तकाशी के साइबर भिज्ञ आरक्षी राकेश रावत ने उपस्थित लोगों को उनकी ही भाषा यानि गढ़वाली बोली में साइबर अपराध की बारीकी से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए नशे के दुष्प्रभावों और इसके विरुद्ध कानूनी कठोरता की जानकारी देते हुए समाज को नशा मुक्त बनाने की अपील की गई। पुलिस ने महिला सुरक्षा और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट करते हुए विभिन्न कानूनी हेल्पलाइनों और अधिकारों के प्रति ग्रामीणों को जागरुक किया । ​विदित हो कि अभियान प्रहरी पड़ाव के अन्तर्गत पुलिस केवल थाना मुख्यालयों तक सीमित न रहकर स्वयं दुर्गम गांवों में पड़ाव डाल रही है, ताकि गांव के अंतिम व्यक्ति तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित हो सके। ग्राम सल्या में पुलिस के इस मानवीय और संवेदी चेहरे को देखकर ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस की मुक्तकंठ से सराहना की। चौपाल के समापन पर समस्त ग्रामवासियों, महिला एवं युवक मंगल दलों ने क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का सामूहिक संकल्प लिया। इस पहल से न केवल पुलिस-जनता के सम्बन्धों में प्रगाढ़ता आई है, बल्कि अपराधियों के विरुद्ध सूचना तंत्र को भी मजबूती मिली है ।

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