कोतवाली ऊखीमठ पुलिस द्वारा ग्राम संसारी में “अभियान प्रहरी पड़ाव” के तहत किया रात्रि चौपाल का आयोजन ​पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा, महिला अपराध एवं अनिवार्य सत्यापन के प्रति किया गया जागरुक ।

ऊखीमठ | ​पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा “मित्र पुलिस” की अवधारणा को धरातल पर उतारने और पुलिस-जनता के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु “अभियान प्रहरी पड़ाव” निरंतर जारी है। इसी क्रम में गत (शुक्रवार) की रात्रि में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऊखीमठ मनोज नेगी के नेतृत्व में ग्राम संसारी में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें गांव के पुरुष, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे ।

​चौपाल में प्रभारी निरीक्षक ने विस्तृत चर्चा करते हुए पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला:
​1. महिला एवं बाल सुरक्षा (पॉक्सो व जेजे एक्ट) – ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है। पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराओं की सरल शब्दों में जानकारी दी गई ताकि अभिभावक बच्चों के प्रति अधिक संवेदनशील रहें। महिलाओं को ‘गौरा शक्ति’ ऐप और हेल्पलाइन नंबर 112 व 1090 की उपयोगिता समझाई गई।
​2. नशा मुक्ति एवं सामाजिक सुधार -उत्तराखंड पुलिस के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” (जिसे अब निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है) अभियान का जिक्र करते हुए ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रभारी निरीक्षक ने आह्वान किया कि यदि गांव में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
​3. साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा – वर्तमान में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति सतर्क करने हेतु ग्रामीणों को *साइबर जागरुकता बुकलेट वितरित की गई।* उन्हें बताया गया कि बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल, अनजान लिंक, और सोशल मीडिया पर होने वाली ठगी से कैसे बचें। साइबर अपराध की स्थिति में अविलंब 1930 हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
​4. अनिवार्य सत्यापन एवं बाहरी व्यक्तियों की निगरानी – सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभारी निरीक्षक ने निर्देश दिए कि गांव में रहने वाले किसी भी बाहरी व्यक्ति, किरायेदार, फेरीवाले या घरेलू नौकर का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन के किसी को भी शरण देना कानूनन अपराध है और ऐसे मकान मालिकों के विरुद्ध भविष्य में चालानी कार्यवाही की जाएगी।
​5. यातायात नियम एवं गौरा शक्ति पंजीकरण – चौपाल में यातायात नियमों के पालन, विशेषकर बिना हेलमेट वाहन न चलाने और नशे में वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही, उपस्थित महिलाओं के फोन में गौरा शक्ति मॉड्यूल का पंजीकरण कराया गया ताकि आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके ।

​अन्त में प्रभारी निरीक्षक द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना गया और उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस के इस जन-संवाद कार्यक्रम की सराहना की और गाँव में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का पूर्ण सहयोग करने का संकल्प लिया।

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