रूद्रप्रयाग | जनपद में पुलिस और जनता के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित करने, जन-संवाद को सशक्त बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर द्वारा शुरू की गई अभिनव पहल “अभियान प्रहरी पड़ाव” निरंतर सफलता के नए आयाम गढ़ रही है। इस विशेष अभियान के प्रथम चरण (02 मार्च से 15 अप्रैल 2026) के तहत पुलिस प्रशासन सीधे दूरस्थ से लेकर शहरों के करीब स्थित गांवों की चौखट तक पहुंच रहा है।
इसी क्रम में गत दिवस, 31 मार्च 2026 की रात्रि को पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग श्री विकास पुण्डीर की अध्यक्षता एवं महिला उपनिरीक्षक भागीरथी भण्डारी की उपस्थिति में ग्राम अमसारी में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, मातृशक्ति और क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
चौपाल की मुख्य विशेषताएं एवं कार्यवाही:
• विवादों का मौके पर निस्तारण – चौपाल के दौरान पुलिस उपाधीक्षक श्री विकास पुण्डीर ने व्यक्तिगत रूप से ग्रामीणों से संवाद किया और गांव के आपसी विवादों, विशेषकर भूमि एवं दीवानी मामलों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का लक्ष्य छोटे-मोटे विवादों को आपसी समझ और विधिक परामर्श के माध्यम से गांव में ही सुलझाना है ताकि ग्रामीणों को थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
• महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण – महिला उपनिरीक्षक भागीरथी भण्डारी ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘गौरा शक्ति एप’ के उपयोग और हेल्पलाइन नंबर 1098 की महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने घरेलू हिंसा, बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध महिलाओं को मुखर होने के लिए प्रेरित किया।
• नशा मुक्त देवभूमि अभियान – ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को दोहराते हुए ग्रामीणों से अपील की गई कि वे मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध बिक्री करने वाले असामाजिक तत्वों की सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को दें। पुलिस ने विश्वास दिलाया कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और अपराधियों पर कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।
• साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा – वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु कोतवाली क्षेत्र के नामित ‘साइबर मित्र’ (भिज्ञ आरक्षी) का सम्पर्क नंबर साझा किया गया। ग्रामीणों को किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप से सुदृढ़ करने हेतु गांव के मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वारों पर CCTV कैमरे लगाने के लिए ग्राम सभा को प्रेरित किया गया।
• वरिष्ठ नागरिकों की कुशलक्षेम – पुलिस टीम ने गांव में अकेले रह रहे बुजुर्गों की एक विशेष सूची तैयार की। अधिकारियों ने स्वयं उनके पास जाकर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि रुद्रप्रयाग पुलिस उनके परिवार की भांति हर संकट में उनके साथ खड़ी है।
• सत्यापन एवं सतर्कता (ऑपरेशन क्रैकडाउन): बाहरी व्यक्तियों, फड़-फेरी वालों और संदिग्धों के शत-प्रतिशत सत्यापन हेतु ग्रामीणों का सहयोग मांगा गया। साथ ही पुरानी ग्राम सुरक्षा समितियों का पुनरीक्षण करते हुए ग्राम चौकीदारों को और अधिक सक्रियता और निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
रात्रि चौपाल के अंत में पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि “अभियान प्रहरी पड़ाव” का मूल मंत्र “पारदर्शी पुलिसिंग और सुरक्षित समाज” है। रुद्रप्रयाग पुलिस का ध्येय केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम जनमानस के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा का भाव पैदा करना है। ग्राम अमसारी के निवासियों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे और संवेनदशील कार्यप्रणाली की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
















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