पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग ने किया कोतवाली अगस्त्यमुनि का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण ।

रुद्रप्रयाग | ​जनपद में नियुक्त पुलिस बल की कार्य-क्षमता परखने, कोतवाली, थाना, चौकियों की व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण किए जाने हेतु पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुण्डीर ने कोतवाली अगस्त्यमुनि का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत में कोतवाली परिसर में व्यवस्थित गार्द की सलामी ली और पुलिस बल के टर्न-आउट व अनुशासन का अवलोकन किया। इसके उपरान्त उन्होंने सम्पूर्ण कोतवाली परिसर का भ्रमण कर कार्यालय, बैरक, अनावासीय एवं आवासीय भवनों की स्वच्छता व्यवस्था को परखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों के रहने और कार्य करने का स्थान स्वच्छ एवं व्यवस्थित होना चाहिए, जिससे कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके । ​निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक ने कोतवाली में नियुक्त कार्मिकों की दक्षता की जांच हेतु शस्त्राभ्यास ड्रिल आयोजित करवाई। इसमें शस्त्रों को खोलने, जोड़ने और उनके सुरक्षित रख-रखाव का बारीकी से परीक्षण किया गया। उन्होंने शस्त्रों की नियमित सफाई और निरंतर अभ्यास पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष रहना अनिवार्य है। साथ ही, कोतवाली को आवंटित सरकारी सम्पत्ति एवं आपदा प्रबंधन उपकरणों का भौतिक सत्यापन कर उनके प्रभावी संचालन के बारे में कार्मिकों से जानकारी ली गई । ​प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए मालखाना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मुकदमों का न्यायालय द्वारा निस्तारण किया जा चुका है, उनसे सम्बन्धित मालों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि मालखाने में अनावश्यक जमाव न हो। सी.सी.टी.एन.एस. (CCTNS) और अन्य डिजिटल अभिलेखों की जांच करते हुए उन्होंने ऑनलाइन पोर्टलों को निरन्तर अपडेट रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण करने पर बल दिया गया, ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके।
​क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर यातायात नियमों के उल्लंघन और मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने हल्का व बीट अधिकारियों को अपनी-अपनी बीट में सक्रिय रहने और ई-बीट प्रणाली के माध्यम से हर छोटी-बड़ी सूचना को डिजिटल रूप से दर्ज करने को कहा। विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने उपनिरीक्षकों को लम्बित मामलों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी न हो । ​पुलिस उपाधीक्षक द्वारा कोतवाली के समस्त कार्मिकों का सम्मेलन लिया गया। इस दौरान उन्होंने कर्मियों की व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर कोतवाली प्रभारी अगस्त्यमुनि गुमान सिंह, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह पुजारा, अपर उपनिरीक्षक जावेद अली सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा ।

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