रुद्रप्रयाग | जनपद रुद्रप्रयाग में पुलिस और आम जनमानस के बीच की दूरियों को कम करने और आपसी सामंजस्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सुश्री नीहारिका तोमर की अभिनव पहल “अभियान प्रहरी पड़ाव” धरातल पर अत्यन्त प्रभावी सिद्ध हो रही है। अपने दूसरे सप्ताह में कदम रखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस अब तक कुल 15 गांवों में रात्रि चौपाल और रात्रि प्रवास के माध्यम से जनता तक पहुंच चुकी है । इसी क्रम में गत सोमवार (9 मार्च 2026) की रात रुद्रप्रयाग पुलिस की टीमों ने अपनी 14वीं और 15वीं चौपाल क्रमशः चौकी गौरीकुण्ड के मुनकटिया और कोतवाली अगस्त्यमुनि के फलई गांव में आयोजित की। इन कार्यक्रमों में स्थानीय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया, जहां पुलिस अधिकारियों ने सीधे संवाद कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना । सामाजिक कुरीतियों और अपराध के विरुद्ध “स्मार्ट सुरक्षा” का मंत्र आयोजित चौपालों के माध्यम से पुलिस टीम ने ग्रामीणों को आधुनिक अपराधों और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की ।
महिला एवं बाल सुरक्षा – महिलाओं को गौरा शक्ति एप और हेल्पलाइन नम्बर 1098 की उपयोगिता समझाई गई। साथ ही, घरेलू हिंसा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया गया । नशा मुक्त समाज – मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से मिटाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई। पुलिस ने ग्रामीणों को अपने आस-पास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की गोपनीय सूचना देने के लिए प्रेरित किया । तकनीकी सुरक्षा – गांवों की आन्तरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “स्मार्ट सुरक्षा” का मंत्र दिया गया। ग्रामीणों को गाँव के प्रवेश और निकास मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु प्रोत्साहित किया गया, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके । सुरक्षा समितियों का पुनर्गठन – पुरानी ग्राम सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय करने और ग्राम चौकीदारों को सुरक्षा व्यवस्था में अधिक सक्रिय भूमिका में लाने पर बल दिया गया । संवेदनशीलता और सेवा का संगम “अभियान प्रहरी पड़ाव” की सबसे बड़ी विशेषता पुलिस अधिकारियों का गांवों में रात्रि प्रवास करना है। रात्रि प्रवास के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा गांव के बुजुर्गों का कुशल-क्षेम पूछना और उनके साथ समय बिताना जनता के मन में पुलिस की एक संवेदनशील छवि गढ़ रहा है । रुद्रप्रयाग पुलिस की इस अनूठी पहल की स्थानीय स्तर पर चौतरफा सराहना हो रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार के सीधे संवाद से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि आपात स्थिति में पुलिस और जनता के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान भी त्वरित और प्रभावी होगा ।















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