रुद्रप्रयाग । जनपद के पौराणिक एवं सिद्ध मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्रम में पुलिस अधीक्षक (SP) रुद्रप्रयाग के निर्देशन में आज एक विशेष अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग सुरेश चन्द्र बलूनी ने बच्छणस्यूं पट्टी के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर मंदिर समितियों, पुजारियों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ महत्वपूर्ण सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की ।
इन मंदिरों का किया गया निरीक्षण
पुलिस टीम ने ग्राम नवासू और ग्राम क्वाली स्थित निम्नलिखित आस्था के केंद्रों का दौरा किया:
ग्राम नवासू: राजराजेश्वरी मंदिर, हरियाली देवी, सत्यनाथ, माता कालिका देवी एवं घंडियाल देवता मंदिर।
ग्राम क्वाली: काली माता मंदिर एवं झाली माली माता मंदिर।
सुरक्षा हेतु दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान SHO सुरेश चन्द्र बलूनी ने मंदिर सम्पदा और मूर्तियों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
• CCTV निगरानी: सभी प्रमुख मंदिरों के प्रवेश और निकास द्वारों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया गया।
• प्रकाश व्यवस्था: रात्रि के समय मंदिर परिसर और उसके आसपास पर्याप्त लाइटिंग (Flash Lights) रखने के निर्देश दिए।
• सुरक्षा गार्ड एवं स्वयंसेवक: बड़ी मंदिर समितियों को सुरक्षा गार्ड तैनात करने और छोटे मंदिरों में ग्रामीणों की ‘ग्राम प्रहरी’ के रूप में रोटेशन के आधार पर निगरानी करने की अपील की गई।
• सजगता एवं सूचना: किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के मंदिर परिसर के आसपास दिखने पर तत्काल नजदीकी पुलिस चौकी या 112 नंबर पर सूचित करने को कहा गया।
• दान पात्र सुरक्षा: मंदिरों के दान पात्रों को मजबूत करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ-साथ समय-समय पर राशि बैंक में जमा करने की सलाह दी गई।
”मन्दिर हमारी सांस्कृतिक विरासत और आस्था के केंद्र हमारी पहचान हैं। इनकी सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों के सहयोग से हम इन पवित्र स्थानों को सुरक्षित रखेंगे।”
— सुरेश चन्द्र बलूनी, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली रुद्रप्रयाग।
बैठक में उपस्थित मंदिर समितियों के पदाधिकारियों और पुजारियों ने पुलिस की इस सक्रियता का स्वागत किया और सुरक्षा मानकों को जल्द लागू करने का आश्वासन दिया ।














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