रुद्रप्रयाग | जनपद रुद्रप्रयाग में इन दिनों शीतकालीन यात्रा प्रचलित है। भगवान केदारनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल
ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के दर्शनों के साथ-साथ भारी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक जनपद के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र का रुख कर रहे हैं। वर्तमान में हो रही बर्फबारी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है । पुलिस अधीक्षक (SP) रुद्रप्रयाग के निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस बल पर्यटकों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु धरातल पर सक्रिय है । चौकी प्रभारी चोपता, सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम चोपता और आसपास के क्षेत्रों में निरन्तर गश्त कर रही है। बर्फबारी के कारण सड़कों पर होने वाली फिसलन को देखते हुए वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन कराने हेतु पुलिस बल तैनात है ।
सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस द्वारा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरुक एवं निर्देशित किया जा रहा है:
• मर्यादा का पालन: धार्मिक और देवभूमि की मर्यादा बनाए रखने की अपील की गई है। तीर्थ स्थलों की पवित्रता का सम्मान करें।
• नशा निषेध: सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन क्षेत्रों में नशे का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
• पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता: ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के तहत पर्यटकों को कूड़ा-कचरा न फैलाने तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं। हिमालयी पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
• बर्फबारी में सावधानी: पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही रहें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं।
पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने कहा है कि ”जनपद रुद्रप्रयाग में शीतकालीन यात्रा और बर्फबारी का आनन्द लेने आ रहे सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का हम स्वागत करते हैं। हमारी प्राथमिकता यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। चोपता-तुंगनाथ जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण फिसलन बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए पुलिस टीम को हर समय मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।सभी पर्यटकों से विशेष आग्रह है कि वे ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ-साथ देवभूमि की सांस्कृतिक मर्यादा का पूर्ण सम्मान करें। हुड़दंगबाजी या नशे का सेवन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वच्छता बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। सुरक्षित रहें और जिम्मेदार पर्यटक बनें।














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