रुद्रप्रयाग | पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के कुशल निर्देशन में जनपद के पुलिस लाइन में आयोजित सात दिवसीय विशेष योग शिविर के दूसरे दिन भारी उत्साह देखने को मिला । “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास कर बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प लिया । योग मुद्राओं और प्राणायाम पर रहा विशेष जोर : शिविर के दूसरे दिन योग प्रशिक्षक मुख्य आरक्षी दौलत सिंह (जनपद रुद्रप्रयाग) और आरक्षी आलोक सिंह रावत (जनपद चमोली) ने सत्र का संचालन किया। प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को निम्नलिखित बिंदुओं पर अभ्यास कराया गया।
शारीरिक सुदृढ़ता: विभिन्न योगासनों के माध्यम से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के तरीके बताए गए।
मानसिक शांति: भागदौड़ भरी ड्यूटी और कार्य के दबाव के बीच खुद को शांत रखने के लिए श्ध्यानश् (डमकपजंजपवद) का विशेष सत्र आयोजित किया गया।
प्राणायाम: श्वास-प्रश्वास की तकनीकों के जरिए शरीर में ऊर्जा के संचार और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने का अभ्यास हुआ।
ड्यूटी के तनाव को कम करने का सशक्त माध्यम: योग प्रशिक्षकों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पुलिस की ड्यूटी अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है। ऐसे में नियमित योग न केवल शारीरिक रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी प्रदान करता है। तनावमुक्त पुलिसकर्मी समाज और आम जनता के साथ अधिक संवेदनशीलता और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने में सक्षम होते हैं।
जनजागरुकता का संदेश: इस सात दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल पुलिस बल को फिट रखना ही नहीं, बल्कि जनपदवासियों को भी उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति के प्रति जागरुक करना है। शिविर में स्थानीय जनमानस की भागीदारी यह दर्शाती है कि योग के प्रति समाज में चेतना का संचार हो रहा है । पुलिस कर्मियों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। स्वस्थ और शांत मन से ही हम जनता की सेवा और अधिक तत्परता से कर सकते हैं। यह शिविर अनुशासन और आरोग्य का संगम है। – एसपी रुद्रप्रयाग ।
















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