पिथौरागढ़ | पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जौलजीबी नीरज चौधरी के नेतृत्व में कोतवाली जौलजीबी पुलिस टीम ने अंतर्राष्ट्रीय जौलजीबी मेले में आने वाले लोगों के लिए नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की आसान और उपयोगी जानकारी देने हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि आम जनता को सरल भाषा में बताया जाए कि नए कानून कैसे सुरक्षा बढ़ाते हैं, पुलिस प्रक्रिया को तेज बनाते हैं और आम लोगों को अधिक अधिकार देते हैं ।
🔹 नए कानून आपके लिए क्या बदलाव लाते हैं? (सरल शब्दों में)
1️⃣ भारतीय न्याय संहिता (BNS) – अपराध और सजा
• महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में अब ज्यादा कड़ी सजा।
• ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों पर सख्त कार्रवाई।
• भीड़ हिंसा, संगठित अपराध और मानव तस्करी जैसे मामलों में सख्त प्रावधान।
• जरूरत पड़ने पर किसी भी थाने में Zero FIR दर्ज कराई जा सकती है।
2️⃣ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) – पुलिस प्रक्रिया अब और आसान
• शिकायत, जांच और सुनवाई की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
• FIR कॉपी, नोटिस, जानकारी आदि अब डिजिटल माध्यम से भी मिल सकेगी।
• वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन अपडेट और समयबद्ध जांच से लोगों को फायदे होंगे।
• पुलिस से संपर्क करना और अपनी शिकायत की स्थिति जानना पहले से आसान।
3️⃣ भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) – सबूतों का महत्व बढ़ा
• मोबाइल वीडियो, फोटो, रिकॉर्डिंग, CCTV आदि को अब मजबूत डिजिटल साक्ष्य माना जाएगा।
• गवाहों की सुरक्षा और उनकी गोपनीयता का खास ध्यान रखा जाएगा।
• न्याय प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बनेगी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने लोगों को सरल पोस्टर, पम्पलेट और लाइव उदाहरणों के माध्यम से नए कानूनों की जानकारी दी। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और पर्यटकों से बातचीत कर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 1090, मानस हैल्पलाइन 1933, और आपातकालीन नंबर 112 के बारे में भी विस्तार से बताया गया तथा लोगों को जागरूक किया गया।
















Leave a Reply