पौड़ी | जनपद में आपात स्थिति जैसे संभावित बाढ़/आपदा,सड़क दुर्घटना रेस्क्यू एवं आगामी फायर सीजन के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के निर्देशन में जनपद पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों कोटद्वार, पौड़ी, धुमाकोट, थलीसैंण आदि जगहों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त मॉक ड्रिल अभ्यास में पुलिस, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, फायर सर्विस,फॉरेस्ट तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को व्यवहारिक रूप में परखा। मॉक ड्रिल के दौरान आपदा जैसी काल्पनिक परिस्थितियाँ निर्मित कर त्वरित सूचना, रेस्क्यू ऑपरेशन, घायलों की प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षित स्थानों पर निकासी (एवैक्युएशन) तथा राहत कार्यों का चरणबद्ध अभ्यास किया गया। विशेष रूप से मोटर चालित संसाधनों—रेस्क्यू वाहन, एम्बुलेंस, फायर टेंडर एवं अन्य आपातकालीन वाहनों की त्वरित तैनाती, रूट डायवर्जन, यातायात नियंत्रण एवं आपदा स्थल तक शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया । अभ्यास के दौरान प्रत्येक विभाग की स्पष्ट भूमिका निर्धारित कर आपसी समन्वय, वायरलेस/कंट्रोल रूम संचार व्यवस्था तथा रियल-टाइम रिस्पॉन्स को मजबूत किया गया। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित आश्रय स्थलों चिह्नित किया गया। आगामी फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए जंगलों में आग की रोकथाम हेतु फायर लाइन निर्माण, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, त्वरित सूचना तंत्र, जल स्रोतों की मैपिंग एवं ग्राम स्तर पर जनसहभागिता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में न्यूनतम समय में अधिकतम प्रभावी प्रतिक्रिया देते हुए जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को कम करना तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा ।
आपात स्थिति एवं फायर सीजन की तैयारियों को परखने हेतु किया गया मॉक ड्रिल अभ्यास पुलिस, SDRF,फायर एवं संबंधित विभागों ने मिलकर जनपद में किया काल्पनिक आपदा क्षेत्रों रेस्क्यू ऑपरेशन ।













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