चमोली | कर्तव्य के पथ पर अडिग रहकर देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए चमोली पुलिस नेराष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की । पुलिस लाइन गोपेश्वर स्थित शहीद स्थल पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी वीरता, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी थानों एवं चौकियों में भी शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई । इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि “पुलिस स्मृति दिवस उन वीर पुलिसजनों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका त्याग हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।” उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ईमानदारी, निष्ठा और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया । 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि में देशभर में 154 पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारी एवं कर्मचारी कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। इनमें उत्तराखण्ड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।* चमोली पुलिस ने सभी वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
*इसलिए मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस*
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 10 वीर जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं जवानों की शहादत और देशभर में कर्तव्य पालन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
*अमर शहीदों को शत्-शत् नमन। जय हिंद!*
















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