अधिकारों की जानकारी से मजबूत होता है आम नागरिक गोपेश्वर में विधिक जागरूकता शिविर ने दिया ‘न्याय सबके लिए’ का संदेश |

गोपेश्वर | वृहद बहुउद्देशीय विधिक शिविर में माननीय न्यायमूर्ति सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने की सहभागिता, चमोली पुलिस के स्टॉलों पर साइबर सुरक्षा से लेकर महिला सुरक्षा, यातायात, अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी; पुलिस के जमीनी सेवा एवं रेस्क्यू कार्यों से भी कराया गया अवगत | उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चमोली के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर के ऑडिटोरियम में वृहद बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके विधिक अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी देकर जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच को आसान बनाना रहा । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी तथा उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार मणि एवं जिला जज तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के अध्यक्ष बिंध्याचल सिंह भी मौजूद रहे । विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार उपस्थित रहे । मुख्य अतिथियों के गोपेश्वर आगमन पर स्वागत गान एवं सांस्कृतिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार द्वारा अतिथियों को स्थानीय घरेलू उत्पादों से तैयार आकर्षक बास्केट भेंट कर स्वागत किया गया । शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा बहुउद्देशीय स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। चमोली पुलिस की ओर से साइबर सेल, यातायात पुलिस एवं महिला हेल्पलाइन के साथ-साथ *फायर सर्विस एवं एसडीआरएफ द्वारा भी स्टॉल लगाए गए।

पुलिस स्टॉलों पर आमजन एवं उपस्थित अतिथियों को साइबर अपराधों से बचाव, यातायात नियमों, महिला सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा तथा आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई। स्टॉल पर पुलिस के उपकरणों एवं संसाधनों को देखकर लोगों ने भी रुचि दिखाई और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर पुलिस कर्मियों से जानकारी ली । अतिथियों द्वारा भी पुलिस के स्टॉलों का निरीक्षण कर फायर सर्विस, साइबर सेल, तथा एसडीआरएफ एवं डीडीआरएफ में कार्मिकों की तैनाती तथा उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी ली गई। फायर सेफ्टी के लिए उपयोग किए जाने वाले फायर बॉल सहित अन्य  उपकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई । न्यायमूर्ति द्वारा पुलिस विभाग को *ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर फायर सेफ्टी एवं साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में निरंतर कार्यक्रम चलाने के लिए कहा गया । इस दौरान चमोली पुलिस साइबर सेल द्वारा साइबर अपराध के पीड़ितों को अब तक लगभग ₹4.50 लाख की धनराशि वापस दिलाए जाने की जानकारी भी साझा की गई, जिस पर माननीय न्यायमूर्ति द्वारा साइबर सेल के प्रयासों की सराहना की गई | अपने संबोधन में न्यायमूर्ति ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सुगमता से न्याय पहुंचाना है।* इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर नालसा, राज्य स्तर पर सालसा तथा जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकारों एवं न्याय तक सहज पहुंच प्राप्त हो सके । उन्होंने कहा कि सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाना महत्वपूर्ण है और विधिक साक्षरता शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । इस अवसर पर न्यायमूर्ति द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी ली गई ।

*आपदा से नन्दा जात यात्रा तक—एसपी चमोली ने साझा की पुलिस की जमीनी भूमिका*

शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने न्यायमूर्ति को जनपद में पुलिस द्वारा किए जा रहे राहत बचाव एवं जनसेवा कार्यों की जानकारी दी । एसपी चमोली ने तमक नाला में आई आपदा एवं टीएचडीसी हादसे के दौरान चमोली पुलिस द्वारा किए गए राहत एवं रेस्क्यू कार्यों के साथ-साथ हाल ही में सम्पन्न हुई माँ नन्दा जात यात्रा में पुलिस द्वारा निभाई गई भूमिका से भी अवगत कराया । उन्होंने बताया कि दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में लगभग 280 किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन, मार्ग व्यवस्था, संचार व्यवस्था तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए चमोली पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर पुलिस बल एवं संसाधनों की तैनाती की गई थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी पैदल ड्यूटी के बावजूद पुलिस जवानों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया । न्यायमूर्ति द्वारा चमोली पुलिस के इन राहत, रेस्क्यू एवं सुरक्षा कार्यों की सराहना की गई । जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चमोली के अध्यक्ष बिंध्याचल सिंह द्वारा उपस्थित लोगों को विधिक सेवाओं एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई तथा सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया गया । इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पाठक, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट हिना कौशर, न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिसोदिया, उप जिलाधिकारी चमोली राजकुमार पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट एवं पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, पराविधिक कार्यकर्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता मौजूद रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *