चमोली | प्रचलित माँ नन्दा जात यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहायता एवं यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों ने दिन-रात पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। दुर्गम पहाड़ियों, संकरे रास्तों और कठिन चढ़ाइयों के बीच जवान हर मोर्चे पर तैनात रहे। कहीं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हाथ बढ़ाए, तो कहीं कठिन रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने में जुटे रहे । माँ नन्दा की कैलाश यात्रा आस्था और श्रद्धा से जुड़ी होने के साथ-साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी है। यात्रा मार्ग के अनेक हिस्से ऐसे हैं, जहाँ पैदल चलना भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। कई निर्जन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण आपसी संपर्क बनाए रखना भी आसान नहीं था। ऐसे में *चमोली पुलिस दूरसंचार के जवानों ने अपनी तकनीकी दक्षता से संचार व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए पुलिसकर्मियों के बीच संपर्क की डोर बनाए रखी । यात्रा के दुर्गम मार्गों पर विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर वायरलेस एंटीना स्थापित किए गए तथा ड्यूटी में तैनात जवानों को वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए। इस व्यवस्था के माध्यम से मोबाइल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों में भी पुलिसकर्मी एक-दूसरे के संपर्क में बने रहे। आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान करने, आपसी समन्वय बनाए रखने और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के संचालन में वायरलेस संचार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | जमीन पर जवानों की मुस्तैदी के साथ आसमान से भी यात्रा मार्ग पर नजर रखी गई। ड्रोन के माध्यम से यात्रा मार्ग के विभिन्न हिस्सों की लगातार निगरानी की गई । आधुनिक तकनीक के उपयोग से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर रखने और यात्रा के दौरान पुलिस के प्रयासों को प्रभावी बनाने में मदद मिली ।
दुर्गम रास्तों पर कदम-कदम पर मुस्तैद रही उत्तराखण्ड पुलिस, मोबाइल नेटवर्क से दूर भी वायरलेस के जरिए कायम रखा आपसी संपर्क; माँ नन्दा जात यात्रा में दूरसंचार के जवानों और ड्रोन निगरानी ने निभाई अहम भूमिका |















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