राजगढ़ी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में एसपी उत्तरकाशी ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद पुलिस-जन संवाद एवं विश्वास को मजबूत करने के साथ बेहतर पुलिसिंग हेतु लिए सुझाव, सुनीं समस्याएं |

उत्तरकाशी | पुलिस और आमजन के बीच संवाद एवं विश्वास को और अधिक मजबूत करने, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा आमजन की पुलिस से सम्बन्धित समस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु उत्तरकाशी पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय की अध्यक्षता में राजकीय इण्टर कॉलेज, राजगढ़ी में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस, ग्रामीणों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच खुले एवं सहज संवाद को बढ़ावा दिया गया । एसपी उत्तरकाशी द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए स्थानीय समस्याओं, पुलिसिंग से सम्बन्धित अपेक्षाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों की जानकारी ली गई। इस दौरान आमजन से बेहतर एवं प्रभावी पुलिसिंग के लिए सुझाव भी प्राप्त किए गए तथा पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक जनोन्मुखी बनाने पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा गया, जिन पर आवश्यक कार्यवाही एवं समुचित समाधान का भरोसा दिलाया गया । एसपी उत्तरकाशी ने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करना, आमजन की समस्याओं को सुनना तथा उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना उत्तरकाशी पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। पुलिस और जनता के बीच निरंतर संवाद से आपसी विश्वास मजबूत होता है तथा स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है । युवा पीढ़ी में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके द्वारा बताया गया कि नशे के खिलाफ उत्तरकाशी पुलिस बेहद गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जनपद पुलिस द्वारा अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन एवं युवाओं को जागरूक करने के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने आमजन से नशे के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर आगे आने तथा नशे से जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आह्वान किया। कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता एवं सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाले लोगों को पुलिस द्वारा लगातार प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयवीर जयाड़ा को सम्मानित किया गया तथा समाज एवं जनसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने वाले ऐसे सम्मानित व्यक्तित्व युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोतहैं। उनके अनुभवों एवं योगदान से आने वाली पीढ़ी को समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा मिलती है । जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान *साइबर टीम द्वारा ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक किया गया।* इस दौरान डिजिटल अरेस्ट, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, साइबर स्टॉकिंग, साइबर बुलिंग, फेक कॉल/मैसेज/ई-मेल, वॉइस क्लोनिंग सहित साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि साइबर अपराधों से बचाव में जनजागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग सावधानीपूर्वक करने तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, CVV, PIN, पासवर्ड, बैंक खाते अथवा अन्य निजी एवं वित्तीय जानकारी साझा न करने की अपील की गई। साइबर/वित्तीय ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करने की जानकारी भी दी गई । पुलिस द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को *महिला एवं बाल सुरक्षा* के प्रति जागरूक किया गया । महिला एवं बच्चों से सम्बन्धित कानूनों एवं अधिकारों की जानकारी देते हुए उनके प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। साथ ही, महिलाओं की आपातकालीन सहायता हेतु उत्तराखण्ड पुलिस ऐप में उपलब्ध गौरा शक्ति मॉड्यूल एवं डायल-112 की उपयोगिता तथा इनके माध्यम से पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। यातायात की टीम द्वारा उपस्थित लोगों एवं छात्र-छात्राओं को सडक सुरक्षा एवं यातायात नियमों की महत्पूर्ण जानकारी दी गयी । कार्यक्रम में उपस्थित *राज्यमंत्री (भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष) रामसुन्दर नौटियाल ने पुलिस-जन संवाद कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति तथा ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद सुरक्षित एवं सुदृढ़ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं सुरक्षा संबंधी विषयों को सीधे सुनना सराहनीय पहल है। पुलिस और जनता के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से नशा एवं अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करने, साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की ।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक बड़कोट सुभाष चन्द्र, थानाध्यक्ष पुरोला दीपक कठैत, उ0नि0 गीता(प्रभारी महिला काउंसलिंग सेल), चौकी प्रभारी जानकीचट्टी राजेश कुमार, चौकी प्रभारी नौगांव भूपेन्द्र रावत, अ0उ0नि0 जितेन्द्र (यातायात), अ0उ0नि0 दिग्पाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अद्यापक गण, पुलिस अधिकारी/कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

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