देहरादून | मसूरी में मूसलधार बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर मध्यरात्रि के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी रातभर जेसीबी मशीनों से मलबा हटाते रहे, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार सुबह तक सड़क पर यातायात फिर से चालू हो सका। हालांकि, भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को 24 घंटे मार्ग निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पहाड़ी से मलबा आ रहा है, उसे तुरंत हटाया जाए। चूनाखाल से लेकर मैगी प्वाइंट तक का क्षेत्र पिछले सितंबर में आई आपदा के बाद अत्यंत संवेदनशील हो गया है । इस क्षेत्र में बेतरतीब निर्माण और खनन के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गलोगीधार में पिछले तीन-चार वर्षों से पहाड़ का ट्रीटमेंट किया जा रहा है, लेकिन पहाड़ी के शीर्ष पर निर्माण कार्य जारी है, जिससे मलबा नीचे आने लगा है । यह मसूरी देहरादून मार्ग के लिए भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है, जिसके लिए प्रशासन को अभी से सचेत रहना होगा। मसूरी देहरादून वैकल्पिक एलकेडी रोड भी भूस्खलन के खतरे में है। पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण यह मार्ग भी प्रभावित हो रहा है। प्रशासन और लोनिवि द्वारा एलकेडी रोड पर जेसीबी तैनात की गई है, लेकिन बारिश के दौरान खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक मलबा गिरना बंद नहीं होता, सड़क से मलबा हटाना और सड़क खोलना जोखिम भरा है ।
देहरादून में बरसात में खतरनाक हुआ मसूरी-देहरादून रूट, 24 घंटे निगरानी के निर्देश भूस्खलन का खतरा |













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