कुमायूँ | पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल द्वारा आज होने वाले मॉक ड्रिल के समबन्ध में MHA द्वारा जारी की गयी गाइड लाइन के अनुसार मुख्यमंत्री जी एवं उत्तराखण्ड शासन द्वारा प्रदत निर्देशों के क्रम में समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने जनपदों के थाना क्षेत्रातान्तर्ग लोगों को जागरुक करते हुए उनको मॉक ड्रिल के उद्देश्यों के बारे में जानकरी दें, कि उनको इस अभ्यास को लेकर किसी प्रकार का तनाव ( panic ) लेने की आवश्यकता नहीं है । इस अभ्यास का उदेश्य लोगों को आपात स्थिति में खुद को बचाने और दूसरों की मदद के लिए प्रशिक्षण देना है, यह आपदा प्रबन्धन की समझ को बढावा देता है और नागरिकों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित रखने में मदद करता है, इसमें किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा भी हो सकती है। इस मॉक ड्रिल से जनता को घबराने की बिल्कुल भी कोई आवश्यकता नहीं है, यह पूर्व निर्धारित और योजनाबद्द अभ्यास है । इस मॉक ड्रिल का यह भी उद्देश्य है कि आपातकालीन स्थिति में अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों , सिविल फोर्सों व वॉलिन्टयर्स कितने सक्रिय (एक्टिव) है, उनका रिस्पांस टाइम कितना है, आपातकालीन स्थिति में किस प्रकार कार्यवाही करेंगे । इस सम्बन्द्द में पुनः आई0जी0 कुमायूँ द्वारा अवगत कराया गया कि अन्य सम्बन्धित विभागों ( चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा आदि) से समन्वय स्थापितकर यह एक पूर्वनियोजित अभ्यास किया जा रहा है इससे किसी को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि सभी अपने-अपने जनपदों में सोशल मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराने हेतु निर्देशित किया गया । इसके साथ ही आई0जी0 कुमायूँ द्वारा समस्त जनपद प्रभारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा निर्देश निर्गत किये गये |
1 जनपद के प्रमुख स्थानों, चैराहों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ायें जाए।
2 संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हुए विशेष रूप से धार्मिक स्थलों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों की चैंकिग की जाए।
3 भारत नेपाल सीमा पर एस0एस0बी के साथ मिलकर पेटेªलिंग कर नियमित रूप से चैंकिंग सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती गॉवो के लोगों से संवाद बनाए रखें ताकि वे भी जानकारी देने में सहयोग करेंगे।
4 सोशल मीडिया पर प्रसारित झूठी अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया सैल को सक्रिय करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्मस पर अफवाह फैलाने वाले पोस्टों की पहचान कर सम्बन्धित व्यक्तियों के विरूद्व आईटी एक्ट के तहत नियमानुसार कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें।
5 जनपद में स्थापित सभी सी0सी0टी0वी0 कैमरों को चैक कर लिया जाए सभी कैमरें कार्यशील स्थिति में होने चाहिये।
6 किसी भी विषय में जैसे-बाढ़, आग, भूकंप, आपदा, या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु ‘‘मॉक ड्रिल’’ का आयोजन किया जाए। जिसमें प्रशासनिक अधिकरी, पुलिस, स्वास्थ्य सेवा, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
7 आप जनता को सोशल मीडिया के माध्यम से समझाना जरूरी है कि यह एक प्रशिक्षण प्रक्रिया है, जो किसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास करने के लिए होती है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की वास्तविक आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर उचित प्रतिक्रिया हेतु तैयार करना है।
8- रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, हैलीपैड आदि स्थानों पर बी0डी0एस0 एवं डॉग स्क्वाड से औचक चैंकिंग कराया जाना सुनिश्चित करें।
















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